संदीप शुक्ला, उज्जैन (मप्र), NIT;
श्री महाकालेश्वर मंदिर के प्रवचनहाॅल में श्रावण-भादों मास में निकलने वाली भगवान महाकालेश्वर की सवारियाॅ एवं नागपंचमी पर्व की व्यवस्थाओं से संबंधित बैठक नगर निगम आयुक्त आशीष सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में गणमान्य नागरिकों के सुझावों पर सिंह ने कहा कि, अच्छे सुझावों को अमल में लाया जायेगा और महाकाल भगवान की सवारी मार्ग के जीर्ण-शीर्ण भवनों को हटाने की कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने संकरे मार्ग में विद्युत पोलों पर लटकने वाले विद्युत तार आदि बरसात के पूर्व व्यवस्थित करने के निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिये।
बैठक के प्रारंभ में महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक एवं संयुक्त कलेक्टर एस.एस. रावत ने श्रावण-भादों मास में भगवान महाकाल की निकलने वाली सवारियों, श्रावण महोत्सव की तैयारियों और नागपंचमी पर्व की व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। प्रशासक श्री रावत ने अवगत कराया कि इस बार पेपरलेस प्रणाली को ध्यान में रखते हुए श्रावण महोत्सव के आमंत्रण न छपवाते हुए ई-आमंत्रण पर ही सूचना दी जायेगी। उन्होंने बैठक में उपस्थित मानसेवी, शासकीय/अशासकीय सदस्य और गणमान्य नागरिकों को अवगत कराया कि भगवान श्री महाकाल की प्रथम सवारी सोमवार 10 जुलाई, द्वितीय सवारी 17 जुलाई, तृतीय सवारी 24 जुलाई, चतुर्थ सवारी 31 जुलाई, पंचम सवारी 7 अगस्त, आष्ठम सवारी 14 अगस्त तथा प्रमुख शाही सवारी 21 अगस्त को निकाली जायेगी। भगवान महाकाल की सवारियां मंदिर के सभामंडप में पूजन-अर्चन पश्चात अपने निर्धारित समय सायं 4 बजे से नगर भ्रमण की ओर निकलेगी। रामघाट पर भगवान महाकाल का क्षिप्रा के जल से अभिषेक एवं पूजन करने के बाद सवारी निर्धारित मार्गो से होते हुए पुनः महाकाल मंदिर आयेगी। प्रशासक श्री रावत ने बताया कि नागपंचमी पर्व 28 जुलाई को मनाया जायेगा, इसी तरह श्रावण महोत्सव प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी प्रत्येक रविवार को मनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि, श्रावण महोत्सव रविवार 16, 23, 30 जुलाई, 6,13 एवं 20 अगस्त को मनाया जायेगा।
बैठक में पं. प्रदीप गुरू ने सुझाव दिया कि भगवान महाकाल की सवारी के आने- जाने का समय मिनिट टू मिनिट कार्यक्रम निर्धारित किया जाये, जिससे सवारी मार्ग के दोनों और खडे श्रद्धालुओं को जानकारी हो सके कि फला समय पर फलाने स्थान पर सवारी पहुंचेगी। इसके लिए सवारी मार्ग पर सवारी आगमन का सूचना बोर्ड लगाया जाये। इसी तरह बैठक में पं. महेश पुजारी ने सुझाव दिया कि, सवारी में पालकी के पास मात्र पुजारी एवं कहार के अलावा दूसरी भीड न रहे। इस प्रकार की व्यवस्था की जाये। श्रावण महोत्सव का कार्यक्रम महाकाल प्रवचनहाॅल में ही करवाया जाये न कि मंदिर परिसर में तथा महाकाल की सवारी में किसी प्रकार का व्यक्तिगत प्रचार-प्रसार न हो इसका भी विशेष ध्यान दिया जाये। श्री रूपपमनानी ने सुझाव दिया कि रामघाट पर धक्का -मुक्की न हो और कौन व्ही.आई.पी. अन्दर जायेगा कौन बाहर रहेगा इसकी भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। उन्होंने सुझाव दिया कि सवारी में पालकी को लेकर दौडे नहीं। इसी प्रकार बैठक में जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री महेश परमार, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष दिवाकर नातु, श्री द्वारकाधीश चौधरी, जियालाल शर्मा, केसर सिंह चौधरी, रमेश शर्मा, राजहजूरसिंह गौर, अशोक जडिया, श्री अवधेश महाराज जी, घनश्याम पटेल, आशीष पुजारी, सत्यनारायण जोशी आदि ने अपने-अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिये।
बैठक में पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह वर्मा ने भगवान महाकाल की सवारी मार्ग एवं महाकाल मंदिर के आस-पास यातायात व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी और मंदिर के आस-पास नो व्हीकल झोन के बारे में अवगत कराया। नगर निगम आयुक्त आषीष सिंह ने बैठक के अंत में बताया कि उक्त सुझावों का नियमानुसार पालन करवाया जायेगा। उन्होंने लोकनिर्माण विभाग, नगर निगम, विद्युत विभाग, पुलिस आदि के अधिकारियों को व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक निर्देष दिये और कहा कि निर्देषों का कडाई से पालन कर तीन-चार दिन में सवारी मार्ग की व्यवस्थाओं को पूर्ण कर लिया जाये।
बैठक में रामेश्वरदास महाराज, श्री अवधेशपुरी जी महाराज, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री महेष परमार, उपाध्यक्ष श्री भरत पोरवाल, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री दिवाकर नातू, पुलिस अधीक्षक एम.एस.वर्मा, ए.एस.पी. मयंक वर्मा, नितेष लुहाडिया, श्रीमती नंदिनी जोषी, श्रीमती सरोज अग्रवाल सहित आदि उपस्थित थे।
