जितेंद्र वर्मा, हरदा ( मप्र ), NIT;
अतिथि शिक्षकों ने सत्र 2017- 18 में पूर्व से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता देकर यथावत रखने एवं बढ़ा हुआ मानदेय को लेकर कलक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे जहां तहसीलदार वैधनाथ वासनिक को ज्ञापन सौंपा और बताया कि मध्य्प्रदेश की शालाओं में विगत 9- 10 वर्षो से लगातार अल्प वेतन पर अतिथि शिक्षकों द्वारा उत्क्रष्ट कार्य किया जा रहा है, जबकि अपनी नियमितीकरण की मांगों को लेकर प्रदेशभर के अथिति शिक्षकों द्वारा सरकार का ध्यानाकर्षण कराने के लिए समय समय पर ज्ञापन, रैली, धरना प्रदर्शन किया गया। परन्तु सिर्फ आश्वासन ही दिए गए। जबकि सरकार द्वारा अतिथि शिक्षकों के लिए नीति बनाकर स्थाई करने की घोषणा की जा चुकी है, साथ ही अतिथि शिक्षकों का मामला न्यायालय की शरण में विचाराधीन है। यह कि सत्र 2017 -18 में शासन स्तर से अतिथि शिक्षकों को रखने के कोई आदेश जारी नही हुए बाबजूद इसके आन लाइन भर्ती प्रकिर्या शुरू कीईगई तो अल्टीमेटम दिया गया कि यदि सरकार 30 जून तक पूर्व से कार्यकत अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता और बढ़ा हुआ वेतन के आदेश जारी नही करती है तो प्रदेश भर के अतिथि शिक्षक 1 जुलाई से जिला स्तर से लेकर प्रदेश तक भूख हड़ताल ,उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे । जिसकी सारी जवाबदारी शासन प्रशासन की रहेगी।
