Edited by Maqsood Ali; नई दिल्ली, NIT;
उत्तर प्रदेश ने भारत को कई प्रधानमंत्री दिये हैं, लेकिन यदि रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति निर्वाचित होते हैं तो ऐसा पहली बार होगा जब उत्तर प्रदेश से कोई ‘राष्ट्रपति भवन’ पहुंचेगा। कोविंद इस वक्त बिहार के राज्यपाल हैं। NDA ने प्रदेश के कानपुर देहात निवासी और वरिष्ठ नेता रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है। वैसे तो उत्तर प्रदेश ने देश को नौ प्रधानमंत्री दिये हैं, लेकिन अगर कोविंद चुने गये तो वह इस पद पर पहुंचने वाले प्रदेश के पहले व्यक्ति होंगे। इससे पहले वर्ष 1969 में उत्तर प्रदेश के मोहम्मद हिदायतउल्ला कार्यकारी राष्ट्रपति बने थे। वह 20 जुलाई 1969 से 24 अगस्त 1969 तक कार्यकारी राष्ट्रपति रहे थे। लखनउ में 17 दिसम्बर 1905 को जन्मे हिदायतउल्ला, खान बहादुर हाफिज मुहम्मद विलायतउल्ला के खानदान से थे। उत्तर प्रदेश ने अब तक देश को 9 प्रधानमंत्री दिये हैं। इनमें जवाहरलाल नेहरु, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, चरण सिंह, राजीव गांधी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चन्द्रशेखर, अटल बिहारी वाजपेयी और नरेन्द्र मोदी शामिल हैं।
10 बड़ी बातें:-
1. उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में 1 अक्टूबर 1945 को जन्म. कोविंद को संविधान का अच्छा जानकार माना जाता है।
2. पेशे से वकील रामनाथ कोविंद भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रमुख भी रहे. कोविंद ऑल इंडिया कोली समाज के अध्यक्ष भी रहे हैं।
3. उत्तर प्रदेश की कानपुर यूनिवर्सिटी से बी. कॉम और एल. एल. बी. की डिग्री हासिल की. कोविंद काफी तेजतर्रार छात्र रहे हैं।
4. रामनाथ कोविंद 1971 में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में रजिस्टर्ड हुए. कोविंद ने दिल्ली HC में 1977-1979 तक वकालत की. सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में कुल 16 साल तक वकालत का अनुभव।
5. दलित तबके से आने वाले कोविंद उत्तर प्रदेश से दो बार राज्यसभा सदस्य रहे हैं।
6. रामनाथ कोविंद 1977 में पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के विशेष कार्यकारी अधिकारी रहे चुके हैं।
7. रामनाथ कोविंद 1994 में यूपी से पहली बार राज्यसभा सांसद चुने गए। वह 2006 तक सांसद रहे।
8. रामनाथ कोविंद गृह मामलों की कमिटी समेत कई संसदीय कमिटियों में शामिल रहे. कोविंद का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से पुराना नाता रहा है।
9. रामनाथ कोविंद को बिहार का राज्यपाल भी अचानक ही बनाया गया था। तब सत्तारूढ़ जेडी (यू) ने उनका विरोध किया था।
10. रामनाथ कोविंद ने समाज के कमजोर तबके के लिए काफी काम किया है. उन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं को मुफ्त कानूनी सलाह दी।
