बंद रहे संकटमाेचक के द्वार, घर में किया हनुमान चालिसा का पाठ | New India Times

हिमांशु सक्सेना, ग्वालियर (मप्र), NIT:

बंद रहे संकटमाेचक के द्वार, घर में किया हनुमान चालिसा का पाठ | New India Times

हनुमान जयंती इस वर्ष मंगलवार को शुभ दिन में मनाई जा रही है। चैत्र पूर्णिमा हिंदू कैलेंडर के अनुसार साल की पहली पूर्णिमा होती है, लेकिन इस साल कोरोना संक्रमण की वजह से मंदिराें के दरवाजे बंद रहे हैं। इस कारण श्रद्धालु मंदिर में हनुमानजी की प्रतिमा के दर्शन नहीं कर सके। हनुमान जयंती के शुभ अवसर से पहले ही मंदिरों में रात्रि में हनुमानजी का श्रंगार सिंदूर, रंग. बिरंगे वस्त्रों-फूल आदि से किया गया। सुबह दर्शनाें के लिए पहुंचे भक्ताें काे बाहर से ही दर्शन करके लाैटना पड़ा। बड़े मंदिराें तक पहुंचने वाले मार्गाें पर पुलिस भी तैनात रही है।

इन शुभ मुहूर्त में करें पूजा

घर में ही हनुमान जी की पूजा और चालिसा का पाठ करना होगा। पंचांग के अनुसार इसी दिन सिद्धि योग और व्यतीपात योग का निर्माण भी हो रहा है। सिद्धि योग रात्रि नौ बजकर एक मिनट तक रहेगा। शहर के संकट मोचन हनुमान, खेड़ापति, मंशापूर्ण आदि मंदिरों में प्रतिमा का श्रृंगार किया गया।

हनुमानजी को लगाएं मालपुआ का भोग

इस बार घर में हनुमानजी की पूजा करनी होगी। इसलिए घर में भोग के लिए लड्डू, चूरमा, मालपुआ, केला,अमरूद आदि का भोग लगा सकते हैं। माना जाता है हनुमानजी को भोग में मालपुआ और केला पसंद हैं। वानरों को खाने में केला बेहद पसंद होता है। इस रूप में भी हनुमानजी पूजा की जाती है।

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