साहबगंज जंगल में लगी आग से किसानों को हुई घबराहट, 2 घंटे तक कोई प्रशासन के अधिकारी ने नहीं दिया ध्यान | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

साहबगंज जंगल में लगी आग से किसानों को हुई घबराहट, 2 घंटे तक कोई प्रशासन के अधिकारी ने नहीं दिया ध्यान | New India Times

वन रेज महेशपुर के अंतर्गत साहबगंज ग्रंट के पड़ोस के जंगल के कई कंम्पार्ट में भयानक आग लगने से किसान काफी भयभीत हैं। क्षेत्रीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी जिस पर वन विभाग के कर्मियों ने भी ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी। जिसके चलते जंगल में लगी आग और भी भयानक विकराल रूप ले रही है जिससे आम जनमानस को काफी खतरा बना हुआ है। वहीं लोगों का मानना है कि इस आग से कई पशु पक्षी व कीडे मकोडे जलकर राख हो जाएंगे, अति शीघ्र ही इस आग पर काबू न पाया गया तो यह भयावह स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, वन्य पशु पक्षी आग से अपनी जान बचाने के लिए गांवों की तरफ भागेंगे जिससे कोई अनहोनी घटना घट सकती है. महेशपुर रेंजर मोबीन आरिफ की लापरवाही के चलते आए दिन कोई न कोई बड़ी घटना होती रहती है, क्षेत्र में कई बार बाघ काल के गाल में समा गए हैं, उनको भी खानापूर्ति कर बेकसूरों को जेल भेजने का कार्य किया जा रहा है और जंगल में अवैध पेड़ों का कटान चरम पर है, वही रेंजर मोविन आरिफ की तानाशाही से लोग परेशान हैं, वही जब इस घटना की जानकारी पर्यावरण के महासचिव अशोक कुमार मुन्ना से ली गई तो उन्होंने बताया आग लगने की घटना कई बार हो चुकी है, लेकिन उसको बुझाने का उचित उपाय नहीं किया गया है, वही वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते आग में तमाम छोटे-मोटे जीव जन्तु व नए रूप से जमे पेड़ पौधे जलकर नष्ट हो जाएंगे, वही सूखे व गिरे पेड़ों को भी आग अपनी चपेट में ले कर जला देंगे, जिससे वन संपदा को खासा नुकसान पहुंचेगा, लेकिन वन क्षेत्राधिकारी अपने ऑफिस मे में ही बैठकर दिशा निर्देश देने का कार्य करते रहते हैं जिससे लोगों में रोष व्याप्त है।

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