मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव नगर का एकमात्र खेल मैदान नेहरू स्टेडियम लगातार उपेक्षा का शिकार होता रहा है इस मैदान के रखरखाव की ओर ध्यान न दिए जाने के कारण मैदान में हर वर्ष बारिश के दिनों में तालाब की स्थिति निर्मित होती रही है तो वहीं अब गर्मी के दिनों में भी नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के चलते मैदान उड़ता खराब हो रहा है मैदान में प्रतिदिन क्रीड़ा गतिविधियों को संपादित करने वाले खिलाड़ियों का कहना है कि नगर पालिका के पानी के टैंकर पानी भरकर बीच मैदान से आवागमन कर रहे हैं इससे खिलाड़ियों को खेल गतिविधियों का संचालन करने में परेशानी तो हो ही रही है इससे खेल मैदान भी बुरी तरह से खराब हो रहा है खिलाड़ियों ने नगर पालिका प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से इस ओर ध्यान देकर मैदान से ट्रैक्टरों का निकलना बंद कराए जाने की मांग की है.
फूटे वाल्व के पानी से मैदान में हो रहा है कीचड़
खेल मैदान के प्रवेश मुख्य द्वार पर ही फूटे वालों का पानी मैदान में बुरी तरह कीचड़ मचा रहा है जिससे मैदान खराब हो रहा है. एक तो गर्मी के दिनों में वैसे ही पानी की कमी है और ऊपर से फूटे बॉल का पानी मैदान में इस प्रकार बहना स्पष्ट तौर पर प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर रहा है. खेल मैदान में खेल गतिविधि संचालित करने वाले खिलाड़ियों को इस पानी से लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं मैदान से टैंकरों की आवाजाही भी खिलाड़ियों के लिए भारी मुसीबत खड़ी कर रही है. यदि खेल के दौरान कोई खिलाड़ी टैंकर की चपेट में आता है तो निश्चित तौर पर बड़ी दुर्घटना होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है.
खिलाड़ियों ने टैंकरों के मैदान में प्रवेश निषेध की उठाई मांग

नेहरू स्टेडियम में रोजाना खेलने आने वाले खिलाड़ियों ने स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर महोदय से खेल मैदान में टैंकरों की आवाजाही बंद किए जाने की मांग उठाई है. इसमें मुख्य रूप से श्याम कहार, निर्मल लांबा मिगलानी, कुलदीप सिंह, अजय लांबा, पवन रघुवंशी, संजीव प्रमोद कहार, सादिक बेग, कपिल यादव, शालू नागले, उदित जिंदवारी, नंदकिशोर टेकरी, अमित रगड़े, आशीष रगड़े, विकास यादव, गौतम संजय बामने सहित समस्त फुटबॉल खिलाड़ियों ने खेल मैदान पर टैंकरों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है साथ ही खेल मैदान के रखरखाव की मांग भी खिलाड़ियों द्वारा की गई है.
