संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

गोपाल किरन समाज सेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जीकेएसएस संस्था ग्वालियर में पहली बार एक अप्रैल 2021 को डॉ. बी. आर. अम्बेडकर दिवस के रूप में मनाने जा रही है। प्रायः लोग इस दिन को मूर्ख दिवस के रूप में जानते हैं, जबकि भारत के लिए यह दिन एक ऐतिहासिक दिन है।

विशेषकर, भारतीय परिप्रेक्ष्य में बहुत कम लोगों को ही यह ज्ञात होगा कि
- भारत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना डॉ. अम्बेडकर की रचना ‘रुपये की समस्या-उसका उद्भव और प्रभाव’ और ‘भारतीय चलन व बैकिंग का इतिहास’ और ‘हिल्टन यंग कमीशन के समक्ष उनकी साक्ष्य’ के आधार पर 1935 में हुई।
- भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपने जीवन में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षणिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, औद्योगिक, संवैधानिक आदि क्षेत्रों में अनगिनत कार्य करके राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कई ऐसे काम किए, जिन्हें आज भी भारत याद रखता है, लेकिन उनके योगदान को हम उनके जन्म दिवस पर याद करते हैं। हमको चाहिए कि उनके विभिन्न प्रकार के योगदान पर संवाद किया जाये इसलिए जीकेएसएस संस्था ने इस दिवस को डॉ. अम्बेडकर दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। हमारे देश की अर्थव्यवस्था की नींव रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया है उसमें बाबा साहब की भूमिका को स्पष्ट तरीके से अवगत कराने के लिए यह कार्यक्रम हो रहा है, जिससे कि राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सही रूप से लोगों तक पहुंचाया जा सके।
संस्था की सचिव जहाँआरा, पुरुषोत्तम अर्गल, श्री गोपाल सिंह जोहरी के अनुसार इस कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य ध्येय आने वाली पीढ़ी अर्थात बच्चों को डॉ. अम्बेडकर के योगदान की सही जानकारी देना है।
कोरोना के दिनों दिन बढ़ते प्रकोप के चलते कार्यक्रम में शामिल होने वाले सहभागियों से अनुरोध है कि सभी मास्क पहनकर और सोशल डिस्टनसिंग का पालन करते हुए ही कार्यक्रम में शामिल हों।
