कटारिया ट्रांसपोर्ट के ओवरलोड वाहनों ने बढ़ाई मुश्किलें, ओवरलोड कोयल लोड करने से रेलवे रेक पाइंट व नगर के रोड जर्जर होने के साथ दुर्घटनाओं की बनी हुई है आशंका | New India Times

रहीम शेरानी हिदुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

कटारिया ट्रांसपोर्ट के ओवरलोड वाहनों ने बढ़ाई मुश्किलें, ओवरलोड कोयल लोड करने से रेलवे रेक पाइंट व नगर के रोड जर्जर होने के साथ दुर्घटनाओं की बनी हुई है आशंका | New India Times

झाबुआ जिले के मेघनगर जेएसडब्ल्यू कंपनी मुंबई कर्नाटक द्वारा अधिकृत ट्रांसपोर्टर कटारिया इंदौर द्वारा मेघनगर प्लेटफार्म से कोयल ओवरलोड भरकर नगर के साईं चौराहे, झाबुआ चौराहा से बिना रोक टोक के गुजरते हैं। शहरी इलाका होने से इन स्थानों पर भीड़ रहती है और ओवरलोड कोयल भरकर झाबुआ रोड पर स्थित हाईवे पर रोड के किनारे एक मैदान में रखी जा रही है. ओवरलोड ट्राले ट्रक शहर के व्यस्तम चौराहों व मार्गों से तेज गति से गुजरते हैं जिससे दुर्घटनाओं का डर लगा रहता है। उक्त ट्रेले ओवरलोड कोयल वाहन की क्षमता 30 टन होती है जबकि ट्रकों में 40 से 45 टन कोयल भरी जा रही है जिससे सड़क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो रहा है।

कटारिया ट्रांसपोर्ट के ओवरलोड वाहनों ने बढ़ाई मुश्किलें, ओवरलोड कोयल लोड करने से रेलवे रेक पाइंट व नगर के रोड जर्जर होने के साथ दुर्घटनाओं की बनी हुई है आशंका | New India Times

उक्त ट्रक 35205 करने वाली गाड़ी में 45 टन पास किया जा रहा है और उन 5023 जो गाड़ी आती है उसमें 55 लोड किया जा रहा है जबकि यह ठेका अंडर लोड का है एवं जिसका एग्रीमेंट भी है।

प्लेटफार्म पर ट्रेनें खड़ी रहती है जो नियम के हिसाब से रेक लगने के 2 घंटे पहले ही खड़ी रह सकती हैं लेकिन कटारिया ट्रांसपोर्ट द्वारा वहां पर पार्किंग जोन बना दिया गया है साथ ही ओवरलोड भरकर गुजरने से अब रेलवे के रेक झोन भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं जो दुर्घटना को दावत दे रहा है.
कटारिया ट्रांसपोर्ट इंदौर, मुंबई और कर्नाटक से आता है माल और घाटा बिल्लोद नेशनल स्टील प्लांट पर जाता है
जहां आवागमन पर माछलिया घाट भी है जहां पर हैवी लोडेड ट्रालों से जाम भी लग जाता है और दुर्घटनाएं भी इन्हीं लोडेड वाहनों से बढ़ रही हैं।

कटारिया ट्रांसपोर्ट के ओवरलोड वाहनों ने बढ़ाई मुश्किलें, ओवरलोड कोयल लोड करने से रेलवे रेक पाइंट व नगर के रोड जर्जर होने के साथ दुर्घटनाओं की बनी हुई है आशंका | New India Times

विडंबना यह है कि उक्त ट्रक ओवरलोड भरकर आरटीओ ऑफिस के सामने से बे रोक टोक गुजरते हैं. बताते हैं कि इन वाहनों के दस्तावेज भी नहीं रहते हैं लेकिन जिम्मेदार आखिर किन कारणों की वजहा से कुंभकरणी नींद में सोया हुआ है.

By nit

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