संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

कहते हैं निःस्वार्थ भाव से की सेवा सत्यार्थ और मानवता की परिचायक है, ऐसा ही एक अविस्मरणीय उधारण सहारनपुर निवासी एक युवक अमित जो कि काम की तलाश में गुड़गांव दर दर की ठोकरें खाने के बाबजूद भी रोड पर सुबह से पड़ा एक 35 बर्षीय युवक जिसकी की सुबह वहाँ कुछ अज्ञात बदमाशों के द्वारा लूट कर ली गयी थी तथा नशीला पदार्थ पिलाकर कीचड़ में फेंक दिया था.

4 घंटे लगातार भीड़ बस देखती रही मगर उसके पास किसी ने जाने की कोशिश भी नहीं की, अमित जो कि उसी दिन अपना इंटरव्यू देने जाने वाला था उसने सर्वप्रथम उस 35 बर्षीय युवक को कपड़े पहिनाए, साफ किया और कुछ चंद पैसों के माध्यम से उसको बेहोशी की अवस्था मे ग्वालियर उसके गंतव्य स्थल पर सकुशल पहुंचाया और मानवता की बहुत बड़ी मिसाल पेश की।
मानवता से अनभिज्ञ वह बालक यह भी नहीं जानता था कि इसे ही मानवता कहते हैं.
