मो.मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जहां एक ओर सरकार के द्वारा शराब बेचे जाने के लिए नए नए नियम लाए जाने के प्रयास किये जा रहे हैं तो वही दूसरी ओर दशकों पूर्व निर्मित आबकारी विभाग का कार्यालय अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहा है। सरकार को सबसे अधिक राजस्व का लाभ देने वाले आबकारी विभाग का भवन कभी भी धराशायी होने की कगार पर पहुंच चुका है। भवन को देख कर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग के आला अधिकारी एवं कर्मचारी भवन के भीतर अपनी जान जोखिम में डाल कर अपने कार्य को अंजाम दे रहे हैं। दशकों पूर्व निर्मित आबकारी विभाग के भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें उभर आई हैं। दीवारों की जुडाई का मसाला एवं पलस्तर धूल मट्टी की तरह निकल रहा है ऐसे में शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित आबकारी विभाग का भवन कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। ऐसे में संबधित विभाग के आला अधिकारियों को भवन के नव निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही किये जाना चाहिए।
