कृषि कानून के विरोध व किसानों के समर्थन में एआईएमआईएम विधायक फारूक शाह ने सड़कों पर उतर कर चक्काजाम कर किया आंदोलन | New India Times

जुनैद काकर, धुले (महाराष्ट्र), NIT:

कृषि कानून के विरोध व किसानों के समर्थन में एआईएमआईएम विधायक फारूक शाह ने सड़कों पर उतर कर चक्काजाम कर किया आंदोलन | New India Times

विधायक फारूक शाह के नेतृत्व में आल इंडिया इत्तेहादुल मुस्लिमीन के कार्यकर्ताओं ने शनिवार की सुबह केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने किसान विरोधी केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की और सरकार से तत्काल कृषि विधेयक को वापस लेने की मांग कर किसानों के देशव्यापी चक्का जाम आंदोलन का समर्थन किया।

चक्का जाम आंदोलन को संबोधित करते हुए विधायक फारूक शाह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ विभिन्न राज्यों के किसानों के साथ-साथ विभिन्न किसान संगठनों ने भी रैली निकाली है। हजारों किसान पिछले दो महीने से दिल्ली और अन्य स्थानों पर डेरा डाले हुए हैं और कानून को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। सरकार किसानों की विरोधी होने के कारण किसानों की समस्या सुनने को तैयार नहीं है।

किसानों ने केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध करने के लिए आज शनिवार को चक्का जाम आंदोलन का आह्वान किया था। देश के सभी कोनों से बंद का समर्थन किया था। महाराष्ट्र के राजनीतिक दलों सहित कई लोगों ने भी इस आंदोलन में भाग लिया। इसी क्रम में एआईएमआईएम ने किसानों के समर्थन में उतर कर इंदौर-मुंबई महामार्ग को जाम किया है।

इस चक्काजाम आंदोलन में विधायक फारूक शाह के नेतृत्व में नगसेवक सईद बेग, नासीर पठान, गनी डॉलर, सलीम शाह, महिला जिल्हाध्यक्ष डॉ. दीपश्री नाईक, महिला शहराध्यक्ष फातिमा अन्सारी, शहराध्यक्ष नुरा ठेकेदार, युवा जिल्हाध्यक्ष, वसीम अकरम, शहराध्यक्ष शहबाज शाह, मुजम्मिल शाह, परवेज शाह, निलेश काटे, निसार अन्सारी पठान, ईबा ठेकेदार, समद पठान, हलीम समसुद्दीन अन्सारी, कैसर पेंटर, आसिफ शाह, रेहमान शेख, फिरोज पहेलवान, युसुफ पिंजारी, हमीद शाह, आशीष सोनार, एजाज सैय्यद, शाहिद सर, सऊद आलम सहित अन्य कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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