गृहमंत्री डाॅ. नरोत्तम मिश्र ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 200 हितग्राहियों को दी 20 लाख की ऋण सहायता, स्व-सहायता समहों के माध्यम से महिलाएं बनेगी आत्मनिर्भर | New India Times

गुलशन परूथी, दतिया (मप्र), NIT:

गृहमंत्री डाॅ. नरोत्तम मिश्र ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 200 हितग्राहियों को दी 20 लाख की ऋण सहायता, स्व-सहायता समहों के माध्यम से महिलाएं बनेगी आत्मनिर्भर | New India Times

मध्यप्रदेश शासन के गृह, जेल, संसदीय कार्य, विधि एवं विधायी विभाग मंत्री डाॅ. नरोत्तम मिश्र ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा स्वसहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है जिससे महिलाएं किसी के ऊपर आर्थिक रूप से निर्भर न रहें।
गृह मंत्री डाॅ. नरोत्तम मिश्र ने सोमवार को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैण्ड़र आत्म निर्भर निधि योजना (पीएम स्वनिधि योजना) के तहत् वृन्दावन धाम दतिया में आयोजित कार्यशील पूंजी वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
गृह मंत्री डाॅ. नरोत्तम मिश्र कार्यक्रम में पीएम स्वनिधि योजना में तह्त 200 हितग्राहियों को 10-10 हजार रूपये की राशि कुल 20 लाख रूपये की कार्यशील पूंजी का वितरण किया गया। इस दौरान डेएनयूएलएम योजना के तहत् गठित 15 स्वसहायता समूहों को 18 लाख की राशि के स्वीकृति वितरण पत्र एवं 22 स्वसहायता समूहों को प्रत्येक को 10 हजार की राशि के मान से कुल 2.2 लाख चक्रीय निधि अनुदान के रूप में प्रदाय की गई।
डाॅ. नरोत्तम मिश्र ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, गैस सिलेण्ड़र जैसी सौगातें दी। वहीं राज्य सरकार ने गरीबों के लिए अनेकांे योजनाएं संचालित की। कोरोना काल में गरीबों को खाद्यान वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में छोटे-मोटे धंधे करने वाले गरीब परिवारों के धंधे बंद हो गए थे। लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्ट्रीट वैण्ड़र योजना के तहत् गरीब परिवारों को बिना ब्याज के 10-10 हजार रूपये की ऋण राशि प्रदाय की गई है। जिससे आत्म सम्मान के साथ अपना धंधा वह पुनः शुरू कर सकें। इसी कढ़ी में आज 200 हितग्राहियों को 10-10 हजार की ऋण राशि प्रदाय की गई है।
डाॅ. मिश्र ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने में स्व-सहायता समूहों की अहम् भूमिका है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं के स्वरोजगार के अवसर बढ़े है। जिससे इनके परिवार की स्थिति में भी सुधार हुआ है। आज महिलायें अबला नहीं सबला बनकर हर क्षेत्र में आगे आकर काम कर रही है। उन्होंने सभी लोगो से आग्रह करते हुए कहा कि दतिया को आगे बढ़ाने में अपना भी पूर्ण सहयोग दें।

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