संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:

तमाम प्रयासों और कार्यवाहियों के बावजूद सरकारी विभागों में रिश्वत खोरी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बड़े अधिकारी भी लगातार पकड़े जा रहे हैं फिर भी रिश्वत खोरी कम नहीं हो रहा है। ऐसा ही एक मामला पन्ना के अजयगढ़ में सामने आया है जिसमें एक लाख की रिश्वत लेते हुए तहसीलदार उमेश तिवारी को सागर की लोकायुक्त टीम ने उनके कमरे से रंगे हाथों गिरफ्तार किया है जिससे राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है। इससे पहले गुनौर तहसीलदार भी इसी तरह पकड़े गए थे। पन्ना जिले के अजयगढ़ में फरियादी अंकित मिश्रा के चाचा के प्लाट में भवन की स्वीकृति के एवज में एक लाख की रिश्वत लेते हुए सागर की लोकायुक्त टीम ने तहसीलदार उमेश तिवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सरकारी रेस्ट हाउस में छापामार कार्यवाही करते हुए लोकायुक्त की टीम ने पहले ट्रैप किया फिर तहसीलदार को कार्यवाही के लिए अजयगढ़ थाना ले गई जहां समाचार लिखे जाने तक कार्यवाही जारी थी।
ज्ञात हो कि जिले में इन दिनों सबसे मलाईदार तहसील क्षेत्र अजयगढ़ है। कुछ दिन पूर्व ही नायब तहसीलदार उमेश तिवारी को प्रभारी तहसीलदार बनाकर भेजा गया था और उनकी कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में थी, आज ट्रैप होने के बाद से राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं की तहत तहसीलदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस उन्हें न्यायालय में पेश करेगी।
