जितेंद्र वर्मा, नसरूल्लागंज (मप्र), NIT;
स्वास्थ विभाग में बडे बडे दावे करने वाली शिवराज सरकार की आंखों पर पट्टी बंधी हुई है तभी तो उसकी मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नहीं दिख रहा जो केवल एक डाॅक्टर के भरोसे चल रहा है। यह मामला है स्वास्थ विभाग सामुदायिक केन्द्र का जहां लापरवाही की मिसाले दी जाती है। कहने को स्वास्थ विभाग काम का नही जो करोडों ,लाखों रूपए की नींव पर खडा है। लापरवाही इस कदर नजर आती है कि किसी अधिकारी कर्मचारी के कान पर जूं तक नही रेंगती है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान जो की देश- प्रदेश में कई कार्यक्रमों में अपनी शिरकत देते हुए अपने उद्बोधन में बडे ही लम्बे चोडे भाषणों की झडी बांधते हुए हर पल हर समय योजनाओं के बारे में बताते हैं और कहते है की किसी भी गरीब वर्ग के आदमी को कोई दिक्कत होने नही दूंगा। खाने को 5 रूपए थाली में भरपेट खाना मिलेगा। रहने के लिए मकान दूंगा, युवाओं को लोन देकर अच्छा काम करने का वादा और भी कई ढेर सारी योजनाओं में मंत्री द्वारा बहुत बात कही जाती है लेकिन इतनी बाते करने वाले खुद शशिवराज मामा आज अपने ही गृह क्षेत्र में मरीजों को सही उपचार तक नहीं दिला पा रहे हैं। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने उपचार के लिए आते हैं लेकिन सही मायने में उपचार नहीं मिल पाता है।
- डाॅक्टर की डीयूटी या दिखावा
क्षेत्र मेें सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र के हालात बहुत ही खराब है। जहां ओपीडी पर्ची लेकर भी डाॅक्टरों का इंतजार करना मंहगा पड जाता है। जब हमने पूरे अस्पताल की पडताल की तो पता चला की डाॅक्टरों की कुल संख्या 4 है जिसमें एक महिला डाॅक्टर भी शामिल है जो अपने पद पर पदस्थ है।
- बढ़ती जा रही मरीजो की संख्या
सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र में मरीजों का रोजाना आना जाना लगा रहता है। वहीं अलग अलग बीमारियों के चलते बच्चे महिला पुरूष अपने उपचार के लिए अस्पताल आते हैं, जिसमें मरीजों की संख्या पिछले माह से लेकर अभी तक की ओ पी डी पर्ची की संख्या में 11086 मरीजो ने अपनी संख्या दर्ज कराई है, वही मौसमी बीमारियों के चलते बुखार, सर्दी जुकाम को लेकर काफी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच रहें हैं।

- स्वास्थ विभाग क्यो नही कर रही भर्ती?
मुख्यमंत्री के गृह जिले के तहसील नसरूल्लागंज में डाक्टरों की काफी लापारवाही उजागर हुई है। वहीं मरीजों को सही इलाज भी नही मिल पाता है। स्टाफ की कमी का हवाला दिया जाता है। इन सव समस्याओं को हल करने के लिए आखिर क्यों डाॅक्टरों की भर्ती नही की जा रही है? लम्बे समय से डाक्टरों की कमी से परेशान हैं मरीज। यदि डाक्टरों की भर्ती हो जाती है तो नसरूल्लागंज क्षेत्र के सभी लोगों को उपचार भी मिल पायगा और सही मायने में परेशानी से निजात मिल पायेगी।
