अरशद रज़ा, NIT;
कामयाबी पाने के लिये शिक्षा को ही सबसे शक्तिशाली हथियार के रुप में माना जाता है। शिक्षा को प्रदान करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को शिक्षक निभाता है। शिक्षक ही बच्चों के वर्तमान और भविष्य को बनाता है, इसीलिए उसे समाज और राष्ट्र का निर्माता कहा जाता है। अच्छे समाज का निर्माण करने में शिक्षक अपना पूरा जीवन लगा देता है। शिक्षक बच्चों का उनके बचपन से ही नेतृत्व करते हैं और उन्हें मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक रुप से काबिल बनाते हैं। शिक्षक किसी सामान्य व्यक्ति की तरह होते हैं, जो हमारे बीच में से ही होते हैं, लेकिन वो अपने विद्यार्थियों के लिये पढ़ाने का एक अलग कार्य चुनते हैं। एक बेहतरीन शिक्षक वो होता है जो अपने राष्ट्र के लिये एक बेहतरीन भविष्य की पीढ़ी उपलब्ध कराता है। किसी भी राष्ट्र की सफलता उसके शिक्षकों पर निर्भर करता है।
इतिहास गवाह है कि जिस राष्ट्र और समाज ने शिक्षकों को सम्मान दिया उसने सफलता प्राप्त की और जिसने शिक्षकों को उचित सम्मान नहीं दिया उसका विनाश हुआ।
यूरोपियन देशों कि सफलता की कुंजी उनके शिक्षक ही हैं। इन देशों में शिक्षकों को विशेष दर्जा प्राप्त है।
केवल उचित शिक्षा और गुरूजनों के मार्गदशर्न से ही सामाजिक समस्याएं, भ्रष्टाचार आदि को खत्म किया जा सकता है। जो अंतत: एक राष्ट्र को वास्तविक विकास और वृद्धि की ओर ले जायेगा।
