हरकिशन भारद्वाज, ब्यूरो चीफ, सवाई माधोपुर (राजस्थान), NIT:

कौन बनेगा चेयरमैन? गंगापुर सिटी में किसके सिर होगा सभापति का ताज? इन दिनों पूरे शहर में लोगों की जुबां पर यही चिंतन और मंथन चल रहा है वहीं राजनीतिक पार्टियां और निर्दलीय भी अपने-अपने पक्ष में राजनीतिक गोटियां बिठाने में लगे हुए हैं, अब देखना है कि आखिर कौन बाजी मारता है और किसके राजयोग बनता है।
सभापति के चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। दिनभर शहर में चर्चा रही कि मतगणना के बाद से ही निर्दलीय उम्मीदवार रहीं गीता देवी नरूका के पास कांग्रेस की ओर से सभापति बनने के ऑफर आने शुरु हो गए। निर्दलीय भी उन्हें स्वीकर कर रहे हैं और शहर के अधिकांश लोगों का भी यही मानना है कि नरूका ही गंगापुर का विकास कराने में सक्षम है लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार नरूका की ओर से अभी कोई जवाब नहीं है। पूरे शहर में चर्चा है कि अब गीता देवी नरूका ही सभापति बने लेकिन यह तब ही संभव है जब कांग्रेस विधायक पहल करें। उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव से ही गंगापुर सिटी में कॉन्ग्रेस अपने ही अंतर्द्वंद में फंसी हुई है जिसका खामियाजा नगर परिषद चुनाव में भी देखने को मिला है अब भी यदि सही समय पर सही निर्णय ले लिया जाए तो इस स्थिति को संभाला जा सकता है किंतु लगता नहीं कि ऐसा संभव हो पाएगा।
वहीं दूसरी ओर चर्चा है कि वार्ड 16 से भाजपा प्रत्याशी रहे शिवरतन अग्रवाल को सभापति बनाने की तैयारी हो रही है। वहीं दूसरी ओर भाजपा में भी सभापति बनने के लिए 2 अन्य उम्मीदवार भी ताल ठोक रहे हैं।
भाजपा को बढ़त मिलने के बाद भाजपा नेता सक्रिय हो गए। चुनाव में जीत हासिल करने वाले प्रत्यााशियों को पार्टी अपने साथ रख रही है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार चुनाव के बाद ही पार्टी की ओर से प्रत्याशियों को अपने पास बुला लिया है और उत्तर प्रदेश भेजा गया है। पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर ने पार्टी की रीति-निति के अनुसार प्रत्याशियों के प्रशिक्षण शिविर के बारे में बताया है। उनका कहना है कि सभी को दायित्व व पार्टी के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। वे पूरी तरह आश्वस्त हैं कि भाजपा का ही सभापति बनेगा।
गौरतलब है कि रविवार को हुई मतगणना के बाद भाजपा को 27 सीटे मिली हैं। जबकि कांग्रेस मात्र 11 सीटों पर ही सिमट गई। निर्दलीय प्रत्याशियों ने 21 सीटे हासिल की है। वहीं बसपा की झोली में मात्र 1 सीट मिली।
