शिक्षा के उसूलों को सूली पर चढ़ा कर अधिकारियों की मिलीभगत से बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं कोचिंग सेंटर | New India Times

गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:

शिक्षा के उसूलों को सूली पर चढ़ा कर अधिकारियों की मिलीभगत से बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं कोचिंग सेंटर | New India Times

शिक्षा विभाग आंखों में पट्टी बांधकर धृतराष्ट्र का रोल अदा कर रहा है और खुलेआम शिक्षा के नियम को सूली पर चढ़ा कर लूट का धंधा जारी है। अंबेडकर नगर जनपद में धड़ल्ले से अवैध तरीके बिना रजिस्ट्रेशन के ही सैकड़ों की तादाद में कोचिंग सेंटर संचालित हैं जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत बताई जा रही है। शिकायत और खबर प्रकाशित होने के बावजूद भी इन पर कार्यवाही के नाम पर झुनझुना बजाकर मोटी रकम वसूल कर फिर बाइज्जत बरी कर दिया जाता है। समर्पण कोचिंग सेंटर, सुपर TET, SI, सिविल पुलिस, SSC आदि की कोचिंग चलाई जा रही है मगर इनका खुद का रजिस्ट्रेशन भी नहीं बस बिजनेस का नया फंडा शिक्षा के नाम पर लूट, इन कोचिंग सेंटरों द्वारा कोर्स पूरा कराने एवं परीक्षा की तैयारी कराने के नाम पर छात्र-छात्राओं से मनमाना शुल्क लिया जा रहा है। इस कोचिंग का रजिस्ट्रेशन ही नहीं है। शासन के तमाम दिशा निर्देशों के बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिला मुख्यालय इल्तिफ़ातगंज रोड निकट बैंक ऑफ बड़ौदा रेलवे क्रॉसिंग के बगल (समर्पण कोचिंग सेंटर) खुले कोचिंग सेंटर का संचालक बढ़ चढ़कर शिक्षा के नाम पर लूट मचाई है। इस संबंध में कोचिंग सेंटर के संबंधित अध्यापक से बात की गई तो उन्होंने कहा रजिस्ट्रेशन नहीं है अधिकारियों से बातचीत है जब तक चलेगा चलाएंगे। यह बात सुनते ही कान खड़े हो गए। समय पर कोर्स पूरा कराने एवं परीक्षा की समुचित तैयारी कराने के नाम पर छात्र छात्राओं से मुंह मांगी रकम ली जा रही है। धड़ल्ले से संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों की मनमानी पर अंकुश पाने को लेकर विभागीय अधिकारी भी तमाम शिकायतों व शासन के दिशा निर्देशों के बाद भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सके हैं।
शासन के सख्त निर्देश के बावजूद बगैर पंजीकरण के संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण कराने को लेकर विभागीय अधिकारी कोई कड़े कदम नहीं उठा सका।
अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक ऐसे कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई के लिए छापेमारी जैसा कोई अभियान विगत कई वर्षों में नहीं चलाया जा सका है। नतीजा यह है कि ऐसे कोचिंग सेंटर संचालकों द्वारा छात्र छात्राओं का जमकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
इस संबंध में जब जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कोचिंग की मान्यता निर्धारित समय के लिए दी जाती है जांच कराई जाएगी यदि कोचिंग बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित पाया गया तो उचित कार्यवाही की जाएगी।

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