मेहलक़ा अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
अपर सत्र न्यायाधीश, बुरहानपुर श्री आर.के.पाटीदार ने अतिरिक्त लोक अभियोजक अधिकारी श्री सुनील कुरील की अपील पर न्यायालय के साथ अमानत में ख़यानत करने वाले आरोपी गुरदीप सिंह पिता मदनसिंह को 3000 रू के अर्थदण्ड से दंडित किया है।
प्रकरण की जानकारी देते हुए अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री सुनील कुरील ने बताया कि, दिनांक 17-10-2012 को आरक्षक संतोष चौहान के द्वारा थाना कोतवाली में पत्र क्रं 563/2012, इस आशय से प्रस्तुत किया कि श्री अभिषेक सक्सेना के न्यायालय के निष्पादन प्रकरण क्रमांक 93बी/2000 में सपुर्दगीदार गरदीपसिंह को डिक्री के निष्पादन में कुर्क किया गया टेलीविजन सुपुर्दगी पर दिया गया था। सुपुर्दगीगार को उक्त संपत्ति न्यायालय में प्रस्तुत करने हेतु सूचनापत्र निर्वहन के पश्चात भी सुपुर्दगीदार गुरदीपसिंह के द्वारा न्यायालय में कुर्कशुदा संपत्ति प्रस्तुत नही की गई । इसी संबंध में 17.10.2012 को श्री अभिषेक सक्सेना न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी बुरहानपुर के न्यायालय से एक पत्र क्रं 563/12 सुपुर्दगीगार गुरूदीपसिंह के विरूदध धारा 406 भा.दं.सं. के तहत अपराध कारित किया जाने हेतु प्रेषित किया गया। इस प्रकार अभियुक्त द्वारा धारा 406 भा.दं.सं.के अंतर्गत अपराध कारित किया जाने से उपरोक्त पत्रो व उनके साथ प्रेषित सामग्री के आधार पर अभियुक्त के विरूदध अपराध क्रमांक 272/12 अंतर्गत धारा 406 भा. दं. सं. के तहत प्रथम सूचना लेखबदध कर अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। विचारण के समय न्यायालय के समक्ष अभियोजन का संचालन शासन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री रतनसिंह भंवर द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया था, जिसके पश्चात न्यायालय ने आरोपी को दोष सिद्ध कर दंडित किया था। इस दोषसिद्धि से व्यतीत होकर आरोपी ने अपर सत्र न्यायाधीश बुरहानपुर श्री आर.के.पाटीदार के न्यायालय में दोषसिद्धि निर्णय को निरस्त की जाने हेतु एक अपील प्रस्तुत की थी।न्यायालय के समक्ष अपील में प्रभावशाली संचालन अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री सुनील कुरील द्वारा किया गया एवं शासन की ओर से प्रभावशाली बहस करते हुए दोषसिद्धि निर्णय को यथावत रखने हेतु तर्क प्रस्तुत किये। उन्हीें तर्कों के आधार पर एवं तर्कों को ध्यान में रखते हुए द्वितीय अति. जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आर के पाटीदार द्वारा आरोपी गुरदीप सिंह को 3000 रू के अर्थदण्ड से दंडित किया।
