रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ जिले के मेघनगर में जय आदिवासी युवा शक्ति जयस के द्वारा आदिवासी समाज के महामानव धरती पुत्र सूर्य क्रांति भगवान बिरसा मुंडा की जयंती टूटी माता के प्रांगण में बड़े धूमधाम से मनाई गई। आदिवासी समाज के गणवीरों के द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एक तीर एक कमान सभी आदिवासी एक समान, अबुआ दिसुम अबुआ राज, जय जोहार का नारा है भारत देश हमारा है के नारे के साथ किया।
सभी आदिवासी वक्ताओं ने अपने विचार भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए घटित घटनाओं के बारे मे विस्तार से बताया की बिरसा मुंडा जी ने झारखंड के आदिवासी समाज के लोगों के लिए जल जंगल ओर जमीन की लड़ाई लड़ी आदिवासी समाज में एकता कायम कर अंग्रेजों से भी युद्ध लड़े जिसमें अंग्रेजों को परास्त भी किया उसी का बदला लेते हुए अंग्रेजों ने भगवान बिरसा मुंडा को मात्र 25 वर्ष की आयु में जेल में जहर देकर मार दिया। समाज के कई वक्ताओं ने विलुप्त होती जा रही आदिवासी समाज की संस्कृति पर भी अपने विचार रखें।
दिलीप भूरिया ने बताया की भगवान बिरसा मुंडा का नारा अबुआ दिसुम अबुआ राज आज भी आदिवासी समाज को एक सूत्र में बांधने के लिए काफी है इस अवसर पर जयस प्रवक्ता अनिल कटारा जयस जिला मीडिया प्रभारी दिनेश वसुनिया ब्लॉक अध्यक्ष माधुसिंह डामोर कोषाध्यक्ष कैलाश सहलोत शांतिलाल कतीजा सर, महेंद्र भाबर सर, जयस कार्यकर्ता दिलीप भूरिया, थॉमस भूरिया, दीपसिंह सर, मंगलसिंह भूरिया, ओमप्रकाश मेडा, प्रवीण डामोर, सोमला डामोर, राजेश डामोर, पप्पू मुनिया, संतोष मुनिया, प्रताप पचाया आदि उपस्थित थे।
