वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

मोदी सरकार द्वारा पारित कृषि विधेयकों के खिलाफ पूरे जिले के किसान लामबंद हो गए हैं और जनपद के कोने में आज आक्रोशित किसानों ने हजारों की संख्या में जगह-जगह सड़कें जाम कर सरकार विरोधी नारे लगाए।
कृषि विधेयकों के विरोध में सपाइयों के साथ सड़क पर उतरे किसानों ने पलिया भीरा स्टेट हाइवे भी जाम कर दिया। चीनी के कटोरे में हजारों किसानों ने सड़कों पर उतकर जगर जगह नारेबाजी कर सभाएं और प्रदर्शन कर अध्यादेशों के विरोध में किसानों ने जगह जगह रोड जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। पलिया, बिजुआ, बस्तौली, मोहम्मदी, सम्पूणानगर, मैलानी, लखीमपुर, गोला गोकर्णनाथ सहित तमाम जगहों पर घंटों चक्का जाम रहा, इस दौरान पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। वहीं तमाम जगहों पर व्यापार मंडलों ने भी की समर्थन में दुकानें बन्द रखी। किसानों के प्रदर्शन को रोकने के लिए कई थानों से भीरा फोर्स भेजा गया। उधर समाजवादी पार्टी ने भी किसान आंदोलन को समर्थन दिया है। किसानों के साथ सपा के कार्यकर्ता भी इस प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं।

अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सैकड़ों की संख्या में किसान ट्राली ट्रैक्टर लेकर भीरा पहुंच गए, यहां उन्होंने पलिया भीरा स्टेट हाइवे जाम कर दिया, किसान सड़कों पर बैठ गए। पहले से कई थानों की फोर्स वहां मौजूद थी। हालात बिगड़ते देख और भी फोर्स मंगवाया गया है लेकिन पुलिस प्रदर्शनकारी किसानों को रोक नहीं सकी।
कृषि बिल के विरोध में देशव्यापी बन्द किसान संगठनों द्वारा किया गया था। विपक्षी दलों के आह्वान पर तहसील मुख्यालय व कमल चौराहे पर जबरदस्त असर दिखा। हजारों की संख्या में किसानो ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए घंटों शहर का मुख्य कमल चौराहा जाम किया।
पलिया के सिनेमा चौराहे पर सैकड़ों ट्रैक्टरों से आये किसानों ने चक्का जाम कर धरना प्रदर्शन किया इस दौरान प्रशासन मान मुनौव्ल मे लगा रहा और किसान चिलचिलाती धूप में डटे रहे।
तहसीलदर आशीष सिंह ने मौके पर पहुंच कर किसानों से वार्ता कर जाम खुलवाने का प्रयास किया। इस अवसर पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा। वहीं पलिपा केन सोसायटी में किसानों की बैठक व सभाएं होती रहीं।
गोला गोकर्णनाथ में श्री कृष्ण वर्मा, पलिपा में पूर्व ब्लॉक प्रमुख गुरप्रीत सिंह जार्जी, सम्पूर्णानगर में जसवत सिंह, बस्तौला में पूर्व विधायक विनय तिवारी, मुडिया में वीरेंद्र तिवारी, भीरा में जसवंतसिंह काले, डाॅक्टर बच्चू सिंह, निघासन में हिमाशू पटेल व अमनजीत आदि सपा नेताओं ने नेतृत्व किया। लखीमपुर जिले में पूरा किसान आन्दोलन सपा के रंग में रंगा दिखाई दिया।
