राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

कृषि उपज मंडियों में प्रदेश भर में कर्मचारी संघ के द्वारा निजी कारण को लेकर हड़ताल करने की बात कही जा रही वहीँ इस हड़ताल का देवरी कृषि उपज मण्डी में कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। यहाँ पदस्थ्य कर्मचारी हड़ताल के नियमो को ठेंगा दिखा कर मंडी गेट पर वसूली करने में मशगूल हैं। देवरी मण्डी के कर्मचारी राजाराम लखेरा एवं अन्य चार कर्मचारी टैक्स वसूली करते नजर आये। इसी बीच जब मीडिया के द्वरा कैमरा चालू किया गया तो एक एक करके सभी कर्मचारी कैमरा देख कर भाग खड़े हुए और टैक्स लेना बंद कर दिया गया।

वहीँ इस पूरे मामले में सब्जी मंडी प्रभारी राजाराम लखेरा का कहना था कि सब्जी अतिआवश्यक वस्तू है जिसके लिए रोका नहीं जा सकता इसी लिए हम सेवाएं दे रहे हैं और टैक्स वसूली कर रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा सोचनिये पहलु यह है कि टैक्स वसूली के दौरान कभी भी किसी भी प्रकार की कोई रसीद नहीं दी जाती थी। यहाँ पर नियम विरुद्ध मनमाने तरीके से अवैध वसूली की जाती है। टैक्स वसूली में मनमानी और भ्रष्टाचार को लेकर देवरी कृषि उपज मंडी जन चर्चा का केन्द बनी हुई है। मीडिया को देख कर्मचारियों द्वारा टैक्स वसूली की रसीद लोगो देना शुरु कर दिया गया उसमें भी घोटाला नजर आया। एक व्यक्ति से 20 रुपए लेकर 16 रुपए की रसीद दी गई। इस प्रकार विगत कई वर्षों से मण्डी कर्मचारी टैक्स वसूली में हेरा भेरी करते आ रहे हैं जिसमें एक बड़ा जाँच का विषय है।
कोरोना संक्रमण के नियमों का कर्मचारी नहीं कर रहे हैं पालन

देवरी कृषि उपज मंडी के हड़ताल बंद कर्मचारी मंडी गेट पर टैक्स वसूली करने के दौरान मंडी के कर्मचारी राजाराम लखेरा एवं अन्य चार लोग खुलेआम कोरोना संक्रमण के नियमों का उलंग्घन करते हुए नजर आए। यहां पर नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों एवं दूर-दराज से आ रहे लोगों के बीच में मंडी कर्मचारी टैक्स वसूली के दौरान बिना फेस मास्क लगाय एवं सोशल डिस्टेंस का पालन न करते हुए लोगों के संपर्क में देखे गए। शायद इन कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण फैलने से कोई खतरा नजर नहीं आ रहा है और ना ही शासन की नियम और कानून का पालन करना जरूरी समझ रहे हैं। वहीँ शासन-प्रशासन के बड़े अधिकारियों द्वारा शासकीय विभागों के इन कर्मचारियों पर नियम तोड़ने संबंधी कभी कोई कार्रवाई नहीं की जाती, शायद इसी लिए इन लापरवाह कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं।
