ग्राम पंचायत तीतरपानी का मामला: सहसचिव पर पंचायत के कार्यों में भ्रष्टचार करने के लगे आरोप | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

ग्राम पंचायत तीतरपानी का मामला: सहसचिव पर पंचायत के कार्यों में भ्रष्टचार करने के लगे आरोप | New India Times

सागर जिले की जनपद पंचायत देवरी के अंतर्गत आने वाली तीतरपानी पंचायत के ग्रामीणों ने पंचायत के विभिन कार्यों में भ्रष्टचार करने के आरोप लगाये हैं। ग्रामीणों ने कहा कि ग्राम पंचायत में सहसचिव चैनसीग द्वारा करीब पंचायत की दस से बारह प्रधानमंत्री आवास ठेके पर स्वयं ने बनवाये हैं जिसमें गरीब हितग्राहियों से किश्त की पूरी राशि निकलवा ली गई व आवास आज तक भी अधूरे पढे हुये हैं जबकि राशि पूरी निकलवा ली गई। पंचायत के सिंगपुर नरेन्द्रपुर ग्रामों में हितग्राहियों से किश्त राशि निकलवा कर उनके आवास नहीं बनाये व उन लोगों की राशि में भ्रष्टचार कर लिया गया। ये आवास वर्ष 2016-17 से आज तक अधूरे ही पड़े हुये हैं। ग्राम के कोमल पिता हजारी गौड का आवास अधूरा पड़ा है जबकि राशि सहसचिव ने निकलवा ली थी। ऐसे ही भोले पिता राजाराम गौड की मजदूरी के नौ हजार आज भी नहीं मिले भौर सहसचिव ने कहा कि अब नहीं मिलेंगे जबकि नौ हजार बकाया है। मानक राम पिता बावू लाल गौड की आवास की मजदूरी के 15 हजार में मात्र पांच हजार मिले हैं। ऐसे करीब दस से बारह आवासों का मामला देखने को मिला। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि पंचायत में सिंगपुर ग्राम में गजराज गौड के मकान से लेकर शिब्बू गौड के मकान तक जो सुधूर सड़क बनाई गई थी जिसमें करीब एक लाख का भ्रष्टाचार स्पष्ट हो रहा है जिसमें जमीनी स्तर पर कार्य ही नहीं किया गया फिर भी रिकार्ड के अनुसार एक लाख का कार्य बताकर राशि निकाली गई। ऐसा ही मामला खेत तालाब में देखने को मिले जिसमे सहसचिव द्वारा देवीसींग पिता बक्सू चढार के करीब एक लाख पचास हजार लागत के तालाब के दो माह पहले करीब 44 हजार निकाले जबकि काम मात्र पन्द्रह हजार का किया गया। इस मामले में जब सरपंच से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि इन सभी मामलों की शिकायत मैंने जनपद पंचायत सीईओ देवरी से की है, मैं भ्रष्टाचार करने वालों लिये कार्यवाही चाहता हूँ जिसकी जांच अनुसार जनपद पंचायत ऑफिस में सहसचिव को अटैच किया गया था मगर सहसचिव ने तीतर पानी का त्याग न करके जबर्दस्ती कब्जा करके रखा है व उच्च अधिकारी के आदेश का ही खुला विरोध किया जा रहा है व नये सहसचिव को पंचायत में पदभार लेने मना कर रहे हैं। वहीं सरपंच व सचिव द्वारा कहा गया कि यदि भ्रष्टाचार हुआ है तो जांच कर दोषियों पर सख्त कार्यवाही होना चाहिये, हम लोगों ने उच्च अधिकारी को अवगत कराया था कि यदि पंचायत में सहासचिव भ्रष्टाचार करते हैं तो सख्त कार्यवाही की जाये।

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