सरवर खान ज़रीवाला, भोपाल, NIT;
शिवराज सरकार के वरिष्ठ मंत्री गोपाल भार्गव एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार मामला सिंहस्थ से जुड़ा है और संदेह है कि विधानसभा में इस मुद्दे को उछलवाने में उनकी भूमिका रही है। इसका खुलासा विपक्षी दल कांग्रेस के एक वरिष्ठ विधायक ने कर दिया है। वहीं मंत्री के इस खुफिया काम को जब विपक्षी दल के वरिष्ठ सदस्य ने सार्वजनिक कर दिया तब आज भोपाल के प्रमुख दैनिक अखबार ने भी यह पूरा मामला प्रकाशित कर दिया है। हालांकि अखबार ने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिखा है, लेकिन विधानसभा में हुई घटनाक्रम की गूंज मुख्यमंत्री निवास से लेकर दिल्ली तक हो रही है।
ऐसा माना जा रहा है कि पिछले सप्ताह विधानसभा सत्र के दौरान सिंहस्थ के आयोजन में भ्रष्टचार के आरोपों को उठवाने के पीछे मंत्री भार्गव ने विपक्षी दल कांग्रेस को सेट किया था और यही वजह है सिंहस्थ के आयोजन के आठ माह बाद विधानसभा में नोटबंदी और किसानों समेत अन्य समस्याओं को छोड़ कांग्रेस ने सिंहस्थ आयोजन को निशाने पर रखा था। यह अलग बात है कि सदन के भीतर जब सिंहस्थ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे थे उस दौरान कई मंत्री बचाव में खड़े होकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश कर रहे थे। इनमे वरिष्ठ मंत्री गोपाल भार्गव भी शामिल मिल रहे, जिन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलने की कोशिश की और इसी दौरान कांग्रेस के मुखर वक्ता विधायक मुकेश नायक ने चुटकी लेते हुए खुलासा कर दिया की भार्गव जी वैसे तो आप कहते हो कि सिंहस्थ मुद्दे को क्यों नहीं उठा रहे हो और यहा कुछ और कह रहे हैं? नायक के यह शब्द सुनते ही भार्गव क चेहरे की रंगत बदल गई। अब इस मामले में उच्च स्तर पर पड़ताल करवाई जा रही है कि क्या सदन के भीतर सिंहस्थ मुद्दे को उछलवाने में भार्गव की भूमिका रही है?
