अशफाक कायमखानी, जयपुर ( राजस्थान ), NIT;
राजस्थान में भाजपा सरकार आने के बाद से तीन साल तक भाजपा से जुड़े मुस्लिम नेता राजस्थान वक्फ विकास परिषद के गठन का इंतेजार कर रहे थे लेकिन धोलपुर के उप चुनाव को लेकर सरकार पर बने दवाब के कारण सरकार ने धोलपुर उप चुनाव की जीत पक्की करने के लिये अपने सिनियर लीडर व धोलपुर के पुर्व विधायक सगीर अहमद को आनन फानन में वक्फ विकास परिषद का अध्यक्ष मनोनीत कर उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा देकर धोलपुर सीट को जीत ली, पर सगीर अहमद को अध्यक्ष बनने को दो महिने पुरे होने के बावजूद उन्हें आज तक सचिवालय परिसर में ना ही दफ्तर मिल पाया है और ना ही किसी तरह का स्टाफ मिला है।
राज्य सरकार को वक्फ सम्पत्तियों के विकास एवं सरंक्षण के लिये नीति निर्माण करने, राज्य में वक्फ अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू करने की सलाह देने के लिये सगीर अहमद की अध्यक्षता में गठित वक्फ परिषद में अभी 6 सदस्यों का मनोयन भी सरकार की तरफ से होना बाकी है। जिसके बाद पूर्ण परिषद का गठन माना जायेगा। हालांकि सगीर अहमद ने अध्यक्ष की हैसियत से पिछले महिने के तीसरे सप्ताह में पदभार ग्रहण तो कर लिया है, पर उन्हे सचिवालय में दफ्तर व स्टाफ मिलने का इंतेजार अभी भी बना हुवा है। ज्ञात रहे पिछली कांग्रेस सरकार ने अपने समय काल में वक्फ विकास परिषद व मेव विकास बोर्ड का गठन तक नहीं किया था एवं माइनोरिटी के मुतालिक बोर्ड निगम का गठन भी किया तो सरकार के आखिर में जाते समय किया था, जो होने व ना होने समान था।

बीजेपी के राज में पोपा बाई का राज चल रहा है।