संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

गोपाल किरन समाज सेवी संस्था एवं जिला बाल अधिकार मंच (चाइल्ड राइट ऑब्जर्वेटरी) के संयुक्त तत्वाधान में संगीता शाक्य (डिविज़नल कमांडेंट एवं (मुख्य संरक्षक) गोपाल किरन समाज सेवी संस्था के मार्गदर्शन में वरिष्ठ सदस्य श्रीप्रकाश सिंह निमराजे, संस्थापक एवं अध्यक्ष गोपाल किरन समाज सेवी संस्था के नेतृत्व में बैठक की अध्यक्षता जहाँआरा, वीडियो वॉलिंटर गोआ द्वारा संयुक्त रूप की गई। मुख्य अतिथि आर.ए. मित्तल (सेवानिवृत्त एडिशनल कमिशनर सेल टैक्स) रहे।
बच्चों एवं छात्रों में जाकर कोरोना लॉक डाउन और उसके बाद के हालत को भ्रमण कर लोगों की समस्याएं सुनी, उसमें बच्चे और उनके परिवार प्रभावित हुए, लोगों ने अपने बच्चों को विभिन्न कामों में लगाया हैं।
श्री आर.ए. मित्तल जी ने कहा कि समाज सेवा जुड़ना और विकास के लिए समर्पण भाव से कार्य करना दोधारी तलवार पर चलाने के समान है, इसके लिए सामाजिक क्षेत्र में काम कर चुके लोगों को पढ़ना पायेंगे और उनके जीवन को और उनकी शैली को जिससे हम किये जाने वाले काम को और अपने जीवन को और प्रभावी बना सकें और विभिन जानकारियों के संग्रहण की बात की। आपने कहा कि आज बिल्कुल स्पष्ट हो चुका तथ्य ये है: रोगों का उपचार अल्लाह, देवता या भगवान नहीं करते बल्कि वैज्ञानिक हमें उनसे निजात दिलाते हैं.. मनुष्यों की रक्षा अलौकिक शक्तियां नहीं करतीं, बल्कि उन्हें अन्य मनुष्य ही बचाते हैं। सारा देश सूचना के अधिकार व इसकी जरूरत से वाकिफ हो व अपने हक को प्राप्त करने के लिए जागृत हो, ताकी हमारे देश की व्यवस्थाएं व पैसा गलत लोगों की भैंट नहीं चढ़े। बड़ा सवाल अगर सरकारी विभाग घाटे में हैं तो उद्योगपति खरीद क्यों रहे हैं और फायदे में हैं तो सरकार बेच क्यों रही है? डॉ. बी. आर. अम्बेडकर के मूल मंत्र शिक्षा संस्था, संस्था, संघर्ष (एडवोकेसी) पर चलने को समझने पर बल दिया गया।

श्रीप्रकाश सिंह निमराजे जी ने कहा कि महिला और बेटी का सम्मान करें और जाति के नाम पर शोषण, लिंग के नाम पर शोषण जो करता हो ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए और भी कई उपाय किये जा सकते हैं।
कोरोना के कहर से कोई भी अछूता नहीं है। वह ‘सामान्य’ और ‘शक्तिशाली’ में कोई भेद नहीं करता। जब साधन-सुविधा संपन्न व्यक्ति कोरोना का शिकार बन सकते हैं तो आम आदमी उसके लिए एक सॉफ्ट टारगेट है इसलिए कोरोना वायरस की भयावहता को कमतर आंकने की गलती जानलेवा साबित हो सकती है। देशव्यापी लॉकडाउन खत्म होने के बाद से कोरोना को लेकर जो डर था वह भी खत्म होने लगा है। जो होगा देखेंगे’ जैसी मानसिकता हावी हो गई है. यही वजह है कि पॉजिटिव मामलों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. सोशल डिस्टेंसिंग,मास्क लगाने जैसे नियमों का उल्लंघन आम हो गया है.अधिकांश लोग यह मान बैठे हैं कि उन्हें कोरोना नहीं होगा. जबकि विशेषज्ञ कई बार यह साफ कर चुके हैं कि वायरस का प्रकोप कम नहीं हुआ है और छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा बन सकती हैं इसलिए सावधान रहिए,सुरक्षित रहिए.
सभी DCRF ने अपने अपने स्तर पर बच्चों के मुद्दे जिसमें स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा के मुद्दों पर विभिन्न विभाग मैं बच्चो के इश्यूज पर जिले में एडवोकेसी करने के लिए प्ररित किया और बच्चे के पर कार्य करना पर बल दिया। जहां कहीं बाल अधिकारों का उल्लंघन होते दिखे आप तुरंत अपने लेटर हेड पर कार्वाही हेतू संबंधित अधिकारी/ विभाग को लेटर लिखे। साथ में न्यूज पेपर की कटिंग संलग्न करें इस प्रकार आप बाल अधिकारों पर पैरवी कर सकते है।सुबह जागते ही कल के बचे हुए कार्य को पूरा करो सफलता सामने होगी। कल जो खोया उसे ढूंढने में वक्त बर्बाद मत करो। हमें सफलता की आवश्यकता है।जिसके पास उम्मीदें होती हैं,वो चाहे कितनी भी बार हार जाये,लेकिन जीवन में हार नही सकता है।अतः आज से ही कुछ ऐसा करें कि जिससे आपकी पहचान आपके काम से हो आपके नाम पर हो ।
सुश्री जहांआरा जी ने स्किल डेवलपमेंट, जेंडर Sensitization करने पर बल दिया. और प्रदर्शित पर जोर दिया।
सामाजिक संस्थाएं हमेशा से ही समाज हित के लिए अच्छा काम करती आई हैं। सामाजिक संस्थाएं समाज को संवारने का काम कर रहीं हैं। चाहे फिर दुनिया को अपनी गिरफ्त में लेने वाली अदृश्य महामारी कोविड-19 हो या फिर समय-समय पर आने वाले भूकंप व तबाही या फिर परेशान व असहाय लोगों की मदद की बात हो। इसमें से एक है संस्था जिसमें संस्था ने समाज सेवा के रूप में विश्व पटल पर अलग पहचान बनाई है। यह मेरा सौभाग्य है कि मैं इस संस्था से जुड़ी और आज संस्थापक के नेतृत्व में सेवा कार्य करने का अवसर मिल रहा है। मैं पहले से ही समाजसेवा व कोविड-19 जैसी महामारी से त्रस्त लोगों की मदद कर रही थीं लेकिन अब यहां इस संस्था ने मुझे एक मंच दिया है जहां मैंने अपनेपन का भाव जागृत हो रहा है। आज हमने संस्था के माध्यम से यहां क्षेत्र में लोगों को राशनए सेनेटाइजर,मास्क व जरूरत की अन्य वस्तुओं का वितरण किया गया। देश-दुनिया में परेशान लोगों के जीवन में खुशी घोलने के बाद अब संस्था ग्वालियर-चंबल अंचल में भी भागीरथी प्रयास शुरू किए हैं। संस्था द्वारा जनसेवा का यह कार्य आगे भी यथावत जारी रहेगा।
शांतिशरण गौतम ने कहा कि संस्था द्वारा लगातार सामाजिक कार्य किए जा रहे हैं। संस्था ने ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 से बचाव और लोगों को जागरूक करने को जो अभियान चलाया है वह वाकई में तारीफ के काबिल है।
संस्था/D C R F के कुछ साथी प्रतिनिधियों द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों का भ्रमण कर अवलोकन करने की बात कही ताकि विभिन्न संचालित स्वास्थ्य संस्थानों की वास्तविक स्थिति जानकर विभागीय अधिकारियों से चर्चा की जाये। DCRF एवं संस्था द्वारा संचालित गतिविधियों पर डॉ. पुरुषोत्तम अर्गल द्वारा व्यापक जानकारी देते हुए सभी के सुझाव आमंत्रित किए. संस्था की व्यापकता के प्रयास करने के लिए बात रखी गई।संस्था के साथ जुड़ने के लिए उनकी सहमति दी। बच्चों के सरक्षण एवं विकास पर कई लोगों ने अमूल्य विचार व्यक्त किया और कहा कि निश्चित रूप से संस्था का
यह सराहनीय कार्य है।
श्रीप्रकाश सिंह निमराजे संस्थापक एवं अध्यक्ष
गोपाल किरन समाज सेवी संस्था (रजि.) द्वारा प्राकृतिक संरक्षण बचाने का संकल्प लेते हुए वृक्षारोपण करने का निर्णय किया गया।
कार्यक्रम का संचालन युवराज खरे व आभार व्यक्त डॉ. पुरुषोत्तम अर्गल ने किया।
