डार्क नेट के माध्यम से विदेशी नागरिकों के क्रेडिट कार्ड का डाटा हैक कर करोड़ों की धोखाधड़ी एवं साइबर फ्रॉड करने वाला गिरोह के मास्टरमाइंड को ग्वालियर पुलिस ने किया गिरफ्तार | New India Times

बरखा श्रीवास्तव, ग्वालियर (मप्र), NIT:

डार्क नेट के माध्यम से विदेशी नागरिकों के क्रेडिट कार्ड का डाटा हैक कर करोड़ों की धोखाधड़ी एवं साइबर फ्रॉड करने वाला गिरोह के मास्टरमाइंड को ग्वालियर पुलिस ने किया गिरफ्तार | New India Times

पुलिस अधीक्षक श्री अमित सांघी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पांडे द्वारा बैंक एवं साइबर फ्रॉड के केस सॉल्व करने हेतु निर्देशित किया गया था जिसके परिपालन में कार्य करने दौरान सीएसपी महाराजपुरा श्री रवि भदौरिया को सुचना मिली कि वायु नगर के एक पते पर रोज कई ई कॉमर्स साइट से अनेकों डिलेवरी आती रहती है एवं साइबर बैंक फ्रॉड से सम्बंधित घटना को अंजाम दिया जा रहा है। जिसकी सुचना पर टी आई महराजपुरा मिर्ज़ा आसिफ बेग और सहायक उप निरीक्षक राघवेंद्र सोलंकी, महिला आर अर्चना कंसाना, आर कृष्ण पाल यादव एवं आर राधा रमन त्रिपाठी, पुष्पेंद्र सिंह यादव (राज्य साइबर पुलिस ग्वालियर) की टीम को लगाया गया। उक्त टीम के द्वारा सुचना को डेवलप करते हुए टेक्निकल रूप कई ऐसे साक्ष्य एकत्रित किये गए जिसमें ये पाया गया कि उक्त आरोपी द्वारा डार्क नेट में जाकर unicc, unisefe वेबसाइट फ़र्ज़ी आईडी पासवर्ड से विश्व भर से विदेशी नागरिकों जैसे जापान, अमेरिका, ऑस्टेलिया, चीन, स्पेन के क्रेडिट कार्ड का डाटा ख़रीदा और इस डाटा को खरीदने के लिए अपने कई बिटकॉइन अकाउंट बनाये और उसके माध्यम से कई डोमेस्टिक ई कॉमर्स की वेबसाइट जैसे जोमाटो, मिंत्रा, लेंसकार्ड, स्नेपडील, फ्लिपकार्ट, ऐमज़ॉन, जिनगोय, गुहु आदि से गोल्ड कोइन, आई फोन, एयर कंडीशन्स, कई महंगे गूगल, एयर पियुली फायर, लेपटॉप, फर्नीचर, ई गिफ्टकार्ड जैसी वस्तुएं खरीदी जिसकी डिलेवरी अपने दोस्तों के घर एवं भारत के राज्य जैसे पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश से ली गई उसके बाद अलग लग राज्यों से बिटकॉइन के माध्यम से अपने बिटकॉइन एकाउंट में ले लेता था। सामान की कीमत को कुछ परशेंट कम करके दोस्तों एवं दुकान पर बेच कर कैश करा लेता था जिसके बाद अपचारी से पूछताछ करने पर अपचारी द्वारा दर्जनों मेल आई डी, VPN एप्लीकेशन, कई बिटकॉइन अकाउंट एवं विभिन्न साइट्स के माध्यम से ख़रीदा गया सामान जप्त किया गया एवं पूछताछ में अपचारी द्वारा डार्क वेब के माध्यम से पुरे विश्व के नागरिकों के क्रेडिट कार्ड का डाटा खरीद कर डोमेस्टिक ट्रांसेक्शन अपने गिरोह के साथ मिलकर करना स्वीकार किया गया है एवं असम राज्य से फ़र्ज़ी सिम कार्ड का उपयोग करना स्वीकार किया है। अपचारी के साथ लगभग 17 -18 राज्यों के लोग मिले होने की जानकारी प्राप्त हुई है। साइबर फ्रॉड की गहन विवेचना एवं धर पकड़ करने हेतु ग्वालियर पुलिस अधीक्षक श्री अमित सांघी द्वार टीम का गठन किया गया है एवं प्रकरण में सरहनीय कार्य के लिए टीम को इनाम देने की भी घोषणा की है।

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