सरकारी राशन दुकानों की लापरवाहियों की आये दिन हो रही हैं शिकायतें, अधिकारी जांच के नाम पर करते हैं दिखावा | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

सरकारी राशन दुकानों की लापरवाहियों की आये दिन हो रही हैं शिकायतें, अधिकारी जांच के नाम पर करते हैं दिखावा | New India Times

मध्यप्रदेश शासन द्वारा मिलने वाले गरीबों के राशन में मध्य प्रदेश के सागर जिले की देवरी तहसील के विक्रेताओं द्वारा भ्रष्टाचार करने व अन्य लापरवाहियों की शिकायतें ग्रामीणों द्वारा एसडीएम देवरी से आये दिन की जा रही हैं। देवरी क्षेत्र में राशन दुकान विक्रेताओं की राशन में 5-6 माह के राशन न मिलने व प्रधानमंत्री राहत कोष से मिलने वाले दस किलो प्रति व्यक्ति दिया जाना था मगर आज तक नहीं दिया गया व अधिकारियों द्वारा जांच के नाम पर दिखावा किया जाता है। देवरी क्षेत्र की समनापुर साहजू, जैतपुर पिपरिया, बेलढाना, नयानगर आदि चार राशन दुकानों की शिकायतें ग्रामीणों द्वारा सैकडों की संख्या में आकर एसडीएम से की गई जिसमें जांच के आदेश दिये गये थे जिसकी जांच खाद्य अधिकारी देवरी द्वारा की गई मगर जांच में लापरवाही पर कार्यवाही नहीं हुई। समनापुर साहजू राशन दुकान के मामले में तो सर्रा दलपत के ग्रामीणों द्वारा तो आरोप लगाया जा रहा है कि जांच में उनके बयान लिये जाते हैं जो विक्रेता के खास होते है और उन्हीं के बयान लेकर शिकायत का निराकरण कर दिया जाता है जबकि जांच के बाद भी ग्रामीणों को आज तक राशन नहीं मिला वो शासन प्रसासन से राशन की उम्मीद में आस लगाये बैठे हैं। पिपरिया जैतपुर के ग्रामीण जन ने गुरुवार को एसडीएम के आफिस जाकर ज्ञापन देकर शिकायत की कि विक्रेता द्वारा राशन में लापरवाही की जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि कलेक्टर से भी शिकायत की गई है फिर भी निराकरण नहीं किया गया। लगातार राशन दुकानों के विक्रेताओं द्वारा भ्रष्टाचार किया जा रहा है जिनकी शिकायतें तो होती हैं पर जांच के नाम पर मामले रफा दफा कर दिये जाते हैं। क्षेत्र में गरीबों का राशन न मिलने पर व उनकी शिकायतों पर कार्यवाही न होने पर यह प्रतीत होता है कि भाजपा सरकार में गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं है केवल मंचों से गरीबों के हित में भाषण बस दिये जाते हैं। गरीबों के राशन में विक्रेताओं द्वारा भ्रष्टाचार कर डाका डालने की बात स्पष्ट होती जा रही है। यदि क्षेत्र की दुकानों की लिस्ट उठाई जाये तो कई दुकानों में यही हालात बने हुये हैं। कई दुकानों में तेल की रेट लिस्ट से बढ़ाकर दिया जाता है, कहीं कहीं तो दिया ही नहीं जाता और अनपढ़ लोगों के राशन कार्ड में चढ़ा दिया जाता है, ऐसी कई अनियमितायें देखने को मिलेगी।

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