झाबुआ विधायक भूरिया के विरुद्ध की गई झूठी रिपोर्ट वापस नहीं ली तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगी: जिकां अध्यक्ष पटेल | New India Times

रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ विधायक भूरिया के विरुद्ध की गई झूठी रिपोर्ट वापस नहीं ली तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगी: जिकां अध्यक्ष पटेल | New India Times

भाजपा नेताओं के दबाव में जिला प्रशासन द्वारा झाबुआ विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के खिलाफ पुलिस थाना बोरी में की गई झूठी एफआईआर का जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेश पटेल, विधायक मुकेश पटेल, विधायक सुश्री कलावती भूरिया सहित कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता इस कार्यवाही का घोर विरोध करते हैं। अगर प्रशासन ने विधायक भूरिया के खिलाफ झूठी रिपोर्ट वापस नहीं ली तो जिला कांग्रेस आगामी दिनों में सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
जिसकी समस्त जवाबदारी जिला प्रशासन की रहेगी।

भाजपा एवं जिला प्रशासन की संकीर्ण मानसिकता का परिचय

उक्त जानकारी देते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि विगत दिनों ग्राम बोरी में झाबुआ विधायक कांतिलाल भूरिया द्वारा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े संस्थान का शिलान्यास किया है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा की सुविधाए उपलब्ध होगी। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद डामोर को भी आमंत्रित किया गया था।
श्री पटेल ने बताया कि भाजपा नेताओं को विकासोन्मुखी योजनाएं और कार्य पसंद नहीं आता है
इसलिए नाजायज दबावपूर्वक श्री भूरिया पर यह एफआईआर करवाई गई है जबकि देखने में यह आता है कि भाजपा के कार्यक्रमों में बेतहाशा भीड़ जुटती है तब प्रशासन को शोशल डिस्टेंट दिखाई नहीं देता।
उपचुनाव को दृष्टिगत रखते हुए धार जिले सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भाजपा के नेता मंत्री जमकर भीड़ जुटा रहे हैं और सभाएं कर रहे हैं इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।
श्री पटेल ने बताया कि आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया एक सम्मानीय वरिष्ठ कांग्रेसी नेता है। केंद्र और प्रदेश के मंत्री पद पर रहते हुए श्री भूरिया ने अलीराजपुर और झाबुआ जिले को अनेकों विकास कार्यों की सौगात दी है जिसको जिलेवासी भी अच्छी तरह से जानते हैं।
श्री भूरिया वर्षों से आदिवासी क्षेत्रों के विकास की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। उनके खिलाफ इस प्रकार की कार्यवाही किया जाना भाजपा एवं जिला प्रशासन की संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है। प्रशासन द्वारा भाजपा नेताओं के दबाव में आकर एक चुने हुए जनप्रतिनिधी के खिलाफ इस तरह की कार्यवाही करना शोभा नहीं देता। सरकार तो आती-जाती रहती हैऔर अधिकारियों को अपने विवेक से भी काम लेना चाहिए। पटेल ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन भाजपा नेताओं के दबाव में आकर इस तरह से कार्यवाही करता रहा तो जिला कांग्रेस कमेटी शोशल डिस्टेंट के माध्यम से सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। जिलाध्यक्ष पटेल सहित विधायकद्वय मुकेश पटेल, कलावती भूरिया, नपाध्यक्ष सेना पटेल, कांग्रेसी नेता ओमप्रकाश राठौर, राधेश्याम डी. माहेश्वरी, प्रकाशचंद्र जैन, सैयद मम्मा मियां, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्षद्वय कैलाश चौहान, कमरू अजनार, पारसिंह बारिया, मोहन भाई, भुरू अजनार, मदन डावर, उषान गरासिया, युवक कांग्रेस अध्यक्ष बापू पटेल, जिपं सदस्य बिहारीलाल डावर, ख़ुर्शीद दिवान, राजेन्द्र टवली, सुरेश सारडा, अनिल थेपड़िया आदि ने इस मामले की घोर निंदा करते हुए भूरिया के खिलाफ की गई एफआईआर रद्द करने की मांग पुलिस प्रशासन से की है।

यह जानकारी जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी रफ़ीक कुरेशी ने दी है।

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