राजस्थान लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के सफल प्रत्याशियों के साक्षात्कार का समय नजदीक, किसी भी समय चार सदस्यों की नियुक्ति के आदेश हो सकते हैं जारी | New India Times

अशफाक कायमखानी, जयपुर (राजस्थान), NIT:

राजस्थान लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के सफल प्रत्याशियों के साक्षात्कार का समय नजदीक, किसी भी समय चार सदस्यों की नियुक्ति के आदेश हो सकते हैं जारी | New India Times

पिछले साल 25 व 26 जून को राजस्थान लोकसेवा आयोग द्वारा राजस्थान सीविल सेवा 2018 की आयोजित मुख्य परीक्षा का परीणाम आखिर कार कोर्ट के आदेश पर तकनीकी जांच के बाद जल्द जारी होकर सफल प्रत्याशियों के साक्षात्कार अगस्त या सितंबर में शुरू होने की उम्मीद के बाद प्रशासनिक व सरकार के स्तर पर जारी हलचल से लगने लगा है कि राजस्थान लोकसेवा आयोग के खाली चल रहे चार सदस्य पदों पर नये सदस्यों की जल्द नियुक्ति के आदेश जारी हो सकते हैं।
राजस्थान सीविल सेवा मे चयनित प्रत्याशियों के साक्षात्कार के अगस्त-सितंबर मे शूरू होने की सम्भावना के अतिरिक्त पुलिस सेवा के सब इंस्पेक्टर की लिखित परीक्षाओं मे चयनित होने वाले प्रत्याशियों के साक्षात्कार इसी दस जुलाई से शूरु हो रहे है एवं जेएलओ पद के लिये लिखित परीक्षा में चयनित प्रत्याशियों के साक्षात्कार की डेट भी जुलाई माह मे आने की सम्भावना जताई जा रही है।
राजस्थान लोकसेवा आयोग मे भाजपा सरकार के समय नियुक्त चार सदस्यों मे अध्यक्ष दीपक उत्प्रेती व सदस्य राजकुमारी गुर्जर, रामू राम रायका व शिवसिंह राठौड़ वर्तमान समय मे पदस्थापित है। जबकि पीछली कांग्रेस सरकार के समय बने सभी सदस्य सेवानिवृत्त हो चुके है।
राजस्थान लोकसेवा आयोग द्वारा राजस्थान सीविल सेवा परीक्षा 2018 की मुख्य परीक्षा पीछले साल 25-26 जून को आयोजित होने के बाद कानूनी उलझन मे फंसने के बाद आखिरकार हाल ही मे हाईकोर्ट के जारी आदेश अनुसार अगले महीने मे सफल प्रत्याशियों के साक्षात्कार शुरू होने की उम्मीद जताई जाने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर दवाब बढ गया है कि वो जल्द रिक्त चल रहे चार सदस्य पदो पर नये लोगो की नियुक्ति करे।
लोकसेवा आयोग के सदस्यों के पद वैसे तो सवैधानिक पद होते है। लेकिन इन पदो पर नियुक्ति करते समय केण्डीडेट की योग्यता के अतिरिक्त राजनीति व बिरादरी संतुलन पर भी विशेष ध्यान रखा जाता है। वर्तमान सरकार के समय जल्द होने वाली सम्भावित उक्त नियुक्तियों मे भी जाट-मुस्लिम-एससी एसटी व मूल ओबीसी पर विशेष फोकस किये जाने की चर्चा है। वर्तमान अध्यक्ष दीपक उत्प्रेती के तीन माह बाद अक्टूबर मे रिटायर होने पर उनकी जगह अध्यक्ष पद पर पुलिस विभाग के आला अधिकारी की नियुक्ति होने की प्रबल सम्भावना जताई जा रही है।

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