कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
बुलढाणा ज़िले के मलकापुर शहर पुलिस थाने के थानेदार दीपक कोली ने मलकापुर शहर की एक स्कूल के खुले मैदान में आनंद मेला लगाने की परमीशन देने के लिए 1 लाख रुपये की रिश्वत आनंद मेला के संचालक से मांगी थी, मामला 35 हज़ार रूपये में तय होने के बाद आज बुलढाणा एसीबी ने जाल बिछा कर रिश्वतखोर थानेदार व एक पुलिस कांस्टेबल को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद बुलढाणा ज़िले के पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार योगेश सुरेशराव सावरकर अकोट जिला अकोला निवासी शहर-शहर घूम कर आनंद मेला लगाते हैं, जिसमें मनोरंजन के कई साधन होते हैं। ये मेला मलकापुर के श्री गोविंद विष्णु महाजन महाविद्यालय के खुले मैदान में 1 से 31 मई तक लगाने के लिए संचालक सावरकर ने शहर पुलिस थाने से अनुमति के लिए लिखित अर्जी दी जिसके एवज में थानेदार दिपक कोली ने उनसे 1 लाख रूपये रिश्वत की मांग की।
मामला 35 हज़ार में तय पाया। इसकी शिकायत मेला संचालक सावरकर ने बुलढाणा एसीबी से करने के बाद पहले रिश्वत मांगे जाने की पृष्ठी किये जाने पर आज 3 मई को बुलढाणा एसीबी ने मलकापुर शहर थाने में जाल बिछाया और थानेदार दिपक कोली को 30 हज़ार की रिश्वत लेते हुए उन्हीं की केबिन में धर दबोचा, जबकि बकाया 5 हज़ार रुपये शहर थाने की खुफिया इकाई के कांस्टेबल रतीलाल शंकर नवले को देने की बात थानेदार कोली ने शिकायतकर्ता से कही इस लिए कांस्टेबल नवले को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ भरष्टाचार प्रतिबंधक कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।
इस कार्रवाई में बुलढाणा एसीबी के डिवायएसपी विलास पाटिल, पीआई एस.बी.भाईक, एएसआई शाम भांगे, रविंद्र लंवगे, संजय शेलके, सुखदेव ठाकरे व संतोष यादव का समावेश था।
