मोहम्मद मुज़म्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के पश्चात अचानक ही भाजपा नेताओं के द्वारा जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र में अपनी दबंगाई दिखाई जा रही है। क्षेत्र के सरपंच, सचिव एवं प्रशासनिक तंत्र पर बेवजह दबाव बनाकर अवैधानिक रूप से सत्ता की मलाई खाने का प्रयास भाजपा नेताओं के द्वारा किया जा रहा है। लाॅकडाउन के बाद भी भाजपा नेता अवैध बैठकें आयोजित कर सरपंच सचिवों पर दबाव बनाकर पंचायत के कार्य हड़पकर मोटा माल कमाने के फिराक में हैं जिसे कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा नेताओं के द्वारा की जा रही दबंगई का कांग्रेस पार्टी माकूल जबाब देगी, उक्त बातें ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम तिवारी ने जुन्नारदेव के नवागत एसडीएम मधुवन्त राव धुर्वे एवं सुरेंद्र साहू मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जुन्नारदेव को ज्ञापन सौंपते वक्त कही। कांग्रेस के द्वारा छिंदवाड़ा कलेक्टर को सम्बोधित उक्त ज्ञापन में कहा गया है कि मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा चोरी के रास्ते से सत्ता पर कब्जा करने के पश्चात से जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के द्वारा लगातार यहां की शांत फिजा में नफरत का जहर घोलने का कार्य किया जा रहा है। यहां पर भाजपा नेताओं के द्वारा अवैधानिक रुप से मलाईदार कार्यों को हथियाने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है जिससे कि उक्त भाजपा नेता प्रशासन के हाथ और पैर में बेड़ियां डालकर अपनी मनमानी चला सकें। वर्तमान में जुन्नारदेव विधानसभा की कई पंचायतों में पूर्व की कांग्रेसी सरकार के मुखिया श्री कमल नाथ जी जिले के सांसद श्री नकुल नाथ जी एवं जुन्नारदेव विधायक श्री सुनील उनके जी के द्वारा स्वीकृत कराए गए करोड़ों रूपए के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें से कई कार्य निर्माणाधीन हैं एवं कई कार्य प्रारंभ होने बाकी हैं। इन्हीं कार्यो पर भाजपा नेताओं ने अपनी गिद्ध दृष्टि जमा रखी है और इन्हीं कार्यों को अवैधानिक रुप से हथिया कर सत्ता की मलाई चाटने के लिए इनकी जीभ से लार टपक रही है। एक ओर तो इनके द्वारा पंचायत के सरपंच सचिव को डराया धमकाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर विधानसभा के अधिकारियों को धमकाकर रौब जमाने का प्रयास किया जा रहा है। वैश्विक कोरोना महामारी के कारण मार्च माह के अंतिम सप्ताह से ही मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है जिसके कारण आम जन परेशान हैं, कई राजनैतिक दल एवं समाजसेवी संगठन मानव धर्म का पालन करते हुए पीड़ितों एवं परेशान लोगों को सहयोग कर अपना योगदान दे रहे हैं, किंतु जुन्नारदेव विधानसभा के भाजपा नेता अपनी स्वार्थ सिद्ध करने में लगे हुए हैं। तभी उनके द्वारा अपने निवास पर सचिवों की भीड़ इकट्ठा कर उन पर दबाव बनाकर पंचायत के कार्य अपनाने का प्रयास साफ नजर आता है। ऐसे कठिन समय में जब इन भाजपा नेताओं को असहाय गरीब, मजदूरों एवं बेसहारा लोगों की मदद करनी थी तब ये भाजपा के नेतागण सत्ता के मद में चूर होकर अपने निवास पर मीटिंग कर सोशल डिस्टेंसिंग एवं लॉकडाउन की धज्जियां उड़ा रहे थे। भाजपा नेताओं के द्वारा की जा रही अभी अवैध मीटिंगों का असर भी तत्काल दिखने लगा है। भाजपा के एक मंडल अध्यक्ष द्वारा एक पंचायत सचिव को सरेआम धमकाकर काम हथियाने की ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर खूब प्रसारित हो रही है जिसमें वह अपना नाम कृष्णा बताकर सचिव से कह रहे हैं, कि तेरे सरपंच को समझा ले नहीं तो लटका दिया जाएगा। विधायक जी ने सीईओ और ए ई से कह दिया है, काम तो मैं ही करूंगा। अगर उक्त मंडल अध्यक्ष का कथन एवं सोशल मीडिया में प्रसारित होने वाली ऑडियो क्लिप सही है तो पूर्व विधायक श्री नत्थनशा कवरेती ने अपने निज निवास पर सचिवों की बैठक किस हैसियत आहूत की और जुन्नारदेव जनपद पंचायत के सीईओ एवं ए ई ने इनके कहने पर कैसे अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी। ठीक इसी तरह भाजपा के और भी कई नेता संपूर्ण विधानसभा में सरपंचों, सचिवों, रोजगार सहायकों एवं अधिकारियों कर्मचारियों को धमका कर रौब जमाने का प्रयास कर रहे हैं। विधानसभा जुन्नारदेव में सभी सरपंच आदिवासी समाज के हैं। ऐसे में इन्हें लटका देने जैसी सार्वजनिक धमकी देना आदिवासी समाज का खुला अपमान एवं लोकतंत्र की हत्या है। सरकार परिवर्तन के साथ ही भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के द्वारा खुले रुप से गुंडागर्दी कर, इस शांत विधानसभा में अशांति का वातावरण बनाया जा रहा है। जिससे क्षेत्र में किसी भी समय तनाव की स्थिति बन सकती है। अतः आपसे आग्रह है कि आप उक्त वायरल ऑडियो क्लिप की एवं पूर्व विधायक श्री नत्थनशा कवरेती के निवास पर की गई बैठक की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें। अन्यथा कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन करने हेतु विवश होगी।
ज्ञापन सौंपते वक्त ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम तिवारी, प्रदीप शर्मा, सुधीर लदरे, अरुण साहू, अरुणेश जयसवाल, मोनू अग्रवाल, यशदीप साहू, योगेश नागेश उपस्थित थे।
