सत्तापक्ष के छुटभैये नेताओं की नेतागिरी से चना खरीदी केंद्र मढ़ पिपरिया में हो रही हैं अनियमितताएं, किसानों का जमकर हो रहा है शोषण | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

सत्तापक्ष के छुटभैये नेताओं की नेतागिरी से चना खरीदी केंद्र मढ़ पिपरिया में हो रही हैं अनियमितताएं, किसानों का जमकर हो रहा है शोषण | New India Times

प्रदेश में जहां सरकार किसानों को सुविधाएं देने के निर्देश दे रही है वहीं कुछ छुटभैये नेता सरकार की मंशा पर पानी फेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। शासन द्वारा जहां सोशल डिस्टेंस के पालन को लेकर तमाम तरह के आदेश निर्देश जारी किए जा रहे हैं लेकिन चना खरीदी केंद्र मढ़ पिपरिया जो देवरी मण्डी में है वहां पर लगातार रोजाना अनियमितताएं सामने आ रही हैं, किसी भी प्रकार के सोशल डिस्टेंस, मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग नहीं किया जा रहा है। कुछ व्यापारियों से मिलीभगत कर तेवड़ा उक्त चना की खरीदी की जा रही है और किसानों को परेशान किया जा रहा है। दो-तीन दिन से किसानों के ट्रैक्टर खड़े हुए हैं उनकी खरीदी नहीं की जा रही है। लगातार अनियमितताओं के कारण किसान परेशान हैं, प्रशासन को उक्त मामले में कार्यवाही करनी चाहिए मगर अधिकारी भी कार्यवाही कैसे करें जब केन्द्र पर ही नेतागिरी होती है। केन्द्र में खास व नेतागणों की तुलाई सेटिंग से होती है बाकी किसान इंतजार करता रहता है। केन्द्र प्रबधंक भी अनियमिता को लेकर नहीं डरते क्योंकि जब खुद नेता हैं, सरकार भी है और बडे़ नेताओं से पकड की बातें भी बोली जाती हैं और अधिकारी लोगों को चेक करने पर नेताओं के फोन करा दिये जाते हैं। भाजपा सरकार में यदि ऐसा ही होना है तो नियम कानून क्यों बनाये, दिखावे के लिये है या केवल गरीब किसानों के लिये नियम कानून है। देवरी का तो हाल आजकल गजब है, नेता ही किसानों के पक्ष में भाषण देते हैं और यही उनकी परेशान बन रहे हैं। लापरवाही पर प्रशासन व मुख्यमंत्री जी ध्यान देकर कार्यवाही करें नहीं तो आप व आपकी सरकार व प्रशासन पर से गरीब किसानों का विश्वास ही उठ जायेगा। वहीं कुछ किसानों ने बताया कि प्रति क्विंटल पर 200 से 300 रुपये बसूले जा रहे हैं व चना खरीदी में वटरी व तेवरा मिला हुआ व वारीक चनी मटा हुआ दाना खरीदा जा रहा है। केन्द्र के आजू बाजू में जो अन्य स्टाक रखा हुआ है वो बिना रजिस्ट्रेशन वालों का स्टाक है जो सेटिंग के तौर खरीदा जाता है।

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