अबरार अहमद खान /मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

कानपुर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ आरती लालचंदानी का सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक वीडियो जम कर वायरल हो रहा है जिसमें वह कुछ प्रेस/मीडिया के साथियों से चर्चा कर कह रही हैं कि अस्पताल में जबसे जमात के लोग भर्ती हुए हैं तबसे अस्पताल प्रबंधन परेशान है। चर्चा में कह रहीं हैं कि कहना नहीं चाहिए कि यह टेरेरिस्ट हैं और इनको हम वी.आई.पी. ट्रीटमेंट दें रहे हैं। खाना पीना इनके लिए सारे रिसोर्सेस बर्बाद कर रहे हैं। अपने डाक्टरों को बीमार करा रहे हैं। चर्चा के दौरान मीडिया कर्मी इनसे कहता है कि आप लेटर लिख दो जिस पर वह कह रही हैं कि डी.एम तो खुद मुख्यमंत्री के आदेश से चल रहे हैं, मुख्यमंत्री कहीं ना कहीं अपीसमेंट (तुष्टीकरण) वाला मार्ग अपना रहे हैं। मीडिया कर्मी ने कहा इंजेक्शन लगवा दीजिए एक-एक करके धीरे धीरे जिस पर प्राचार्या बोल रही हैं जिनको जेल में डालना चाहिए खाना पीना खिला रहे हो, दवाईयां बर्बाद कर रहे हो, जिनको आप दे डंडे जेल में डाल कर आइसोलेशन में रखना चाहिए। सी.एम.ओ. 80 एम्बुलेंस इनकी खातिरदारी में दौड़ा रहे हैं, मैने कहा खातिरदारी छोड़िए इन 22 लोगों को लेकर जंगल में डाल दीजिए, बंद कर दीजिए जंगल में एक कालकोठरी में जिस पर सी.एम.ओ बोले आप कैसे कह सकती हैं कोई सुन लेगा। मुझे दबाया गया अभी भी हम खुलकर नहीं बोल सकते। 100 करोड़ पब्लिक सेक्रिफाईज कर रही है, 20-30 करोड़ लोगों के लिए जिसपर मीडिया कर्मी बोलता है जिसका मकसद ही कुछ ओर मेरी समझ से परे है कि जो मुस्लिम परिवार अपनी बहू बेटियों की डिलेवरी कराने और अपने परिवार वालों का इलाज के लिए अस्पताल ले जाते हैं तो उनके साथ क्या होता होगा??

इससे तो प्रतीत होता है कि अब हिन्दुस्तान में बल्कि उत्तर प्रदेश में खास तौर पर संविधान की धज्जियां साफ तौर पर उड़ाई जा रही हैं और शासन प्रशासन मौन है। अतः मेरा आपसे आग्रह है कि कानपुर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ . आरती लालचंदानी के विरूद्ध एफ.आई.आर दर्ज कर बर्खास्त कर देना चाहिए और इस प्लानिंग में शामिल मीडिया कर्मी एवं सी.एम.ओ के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करें एवं की गई कार्यवाही से मुझे भी अवगत कराने की कृपा करें।
