सरवर खान जरीवाला, भोपाल NIT;
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नेताजी सुभाष चंद्र बस मैदान एक बार फिर डंपिंग ग्राउंड में तबदील हो चुका है। यहां पर मरे हुए जानवर और शहर का कचरा फेंका जा रहा है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस मैदान से लगा हुआ इंदिरा गांधी हॉस्पिटल, सुल्तानिया हॉस्पिटल हैं। मैदान में फैली गंदगी से इन अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीज व परिजन भी परेशान हो रहे हैं।
कल से इसी मैदान में खटीक समाज का विवाह सम्मेलन होने जा रहा है, जिसमें कम से कम 100 से अधिक जोड़े शादी के बंधन में बधेंगे। जब बराती इस कचरे के ढेर के बीच बना खाना खाएंगे तो शायद सीधा हॉस्पिटल का रास्ता देखेंगे। इसकी परवाह न स्वास्थ्य विभाग को है और न ही मनपा प्रशासन को।
जब NIT संवाददाता ने नगर निगम के एक अधिकारी से बात की उसका कहना था कि हम अपनी मर्जी से कुछ नहीं कर रहे हैं, हमें तो ऊपर से आदेश है। ऊपर के अधिकारियों का नाम जानना चाहा उसने नाम बताने से इंकार कर दिया। कम से कम महापौर आलोक शर्मा जी एक नजर यादगार शाहजनी की पीछे बने धोबी घाट जहां पर एक माताजी का मंदिर भी है वहां तो मरे हुए जानवरों को न फेंकने दें।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस मैदान की दुर्दशा को शहर वासियों में शासन प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है। अब देखना यह है कि भोपाल महानगर पालिका प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस ओर ध्यान देती है या यूं ही नगर वासियों को मैदान में फैली गंदगी से जूझते रहना पडेगा।
