सद्दाम हुसैन, लखनऊ (यूपी), NIT:

पांच दिन बाद फिर लखनऊ में बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। शुक्रवार को पूर्व जेलर समेत 19 लोग पॉजिटिव मिले इनमें 7 नाका के बिरहाना के हैं। मरीजों में उस केबल ऑपरेटर की पत्नी भी शामिल है जिसकी रिपोर्ट 24 घंटे पहले गुरुवार को पॉजिटिव आया था।
नए 19 मरीजों में 15 पुरुष और चार महिलाएं हैं। इनमें 12 लखनऊ के मूल निवासी, छह दिल्ली के जमाती और एक श्रावस्ती का है। इसके साथ राजधानी में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 205 हो गई है, जबकि इनमें 126 लखनऊ के मूल निवासी हैं।
गोमतीनगर विस्तार निवासी रिटायर्ड जेलर बीमार थे। उनका गोमतीनगर की क्लीनिक पर इलाज चल रहा था। दो दिन पहले हालत बिगड़ी तो अयोध्या रोड स्थित चंदन अस्पताल में भर्ती हो गए। यहां डायलिसिस हुई।
गुरुवार को भेजा गया वृद्ध का सैंपल शुक्रवार को पॉजिटिव निकला। उधर, बिरहाना में सात की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। तोपखाना, कसाईबाड़ा के एक-एक, सअादतगंज के दो और दिल्ली निवासी छह जमातियों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इनकी पहली रिपोर्ट निगेटिव आई थी। ये सभी पहले से क्वारंटीन थे।
चंदन हॉस्पिटल में नए मरीज देखने पर रोक
चंदन हॉस्पिटल में शुक्रवार को दो मरीज कोरोना पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने यहां नए मरीज देखने पर रोक लगा दी है। इस बाबत सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि डायलिसिस यूनिट, ओपीडी एवं आईपीडी यूनिट बंद करने का आदेश दिया गया है।
अस्पताल को आइसोलेट करते हुए चिकित्सालय में किसी भी व्यक्ति के बाहर जाने और अंदर आने पर रोक लगा दी गई है। यहां करीब 54 मरीज भर्ती हैं और 32 कर्मचारी व डॉक्टर सीधे संपर्क वाले हैं। जांच करने के साथ इन्हें क्वारंटीन किया जाएगा।
गोमतीनगर विस्तार पहुंची टीम
कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गोमतीनगर विस्तार पहुंच गई। सैनिटाइजेशन के साथ पूर्व जेलर के परिवार के लोगों के सैंपल लेने की कवायद शुरू की गई। उनके परिवार में पत्नी, बेटा-बहू और पुत्री के अलावा एक नौकरानी है। इनके मकान के आस-पास रहने वालों के भी सैंपल लिए जाएंगे।
196 लोगों के सैंपल लिए
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्विलांस एवं कांटेक्ट ट्रेसिंग के आधार पर शुक्रवार को 196 लोगों के सैंपल लिए। ये बिरहाना, करेहटा व अन्य इलाके के हैं। इसी तरह टीम ने आदर्श नगर, रानीनगर, अलमास सिटी, फरीटी नगर में अभियान चलाया। इस दौरान 9110 परिवारों से संपर्क किया गया।
करवा रहे हैं जांच
22 अप्रैल को दोनों मरीजों को आईसीयू में लिया गया। जांच के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव मिलते ही सीएमओ कार्यालय को सूचना दी गई। एडीएम, सीएमओ सर्वे करने पहुंचे थे। अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारी पीपीई किट का प्रयोग करते हैं, उन्हें खतरा नहीं है। डायलिसिस को जारी रखने और अस्पताल को सैनिटाइज कराने के लिए कहा। 32 कर्मचारियों व डॉक्टर की जांच कराई जा रही है। – मो. फारुख अंसारी, मेडिकल डायरेक्टर, चंदन अस्पताल
सदर जैसी घनी आबादी वाला बिरहाना बड़ी चुनौती
नाका के बिरहाना से शुक्रवार को सात और कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। ऐसे में सदर जैसी घनी आबादी वाला यह इलाका स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन गया है।वहीं, यहां का पहला मरीज केबिल ऑपरेटर वायरस की चपेट में कैसे आया, विभाग यह दूसरे दिन भी तय नहीं कर पाया। शुक्रवार को इस इलाके से 40 सैंपल जांच को भेजे गए।
केबल ऑपरेटर का बेटा होटल में काम करता है, लेकिन वह अलग रहता है और स्वस्थ है। वहीं, पता चला है कि पांडेयगंज की जिस दुकान का सेल्समैन संक्रमित हुआ था, उससे केबल ऑपरेटर सप्ताह भर पहले मिला था।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने 28 की सूची तैयार की है, जिनके घर केबल ऑपरेटर गया था। सर्वेक्षण में ये सभी स्वस्थ पाए गए हैं। हालांकि, इन्हें केबल ऑपरेटर के संक्रमित होने की जानकारी देते हुए घर में ही रहने को कहा गया है।
छोटे-छोटे मकान भी समस्या
बिरहाना की जिस सिंधीवाली गली में पहला कोरोना पॉजिटिव मिला वह घनी आबादी वाला इलाका है। यहां ज्यादातर लोग छोटे-छोटे मकानों में रहते हैं। इनकी स्थिति सदर के कसाईबाड़ा जैसी है संक्रामक रोग नियंत्रण प्रभारी डॉ. केपी त्रिपाठी ने कहा कि इलाके की सबसे बड़ी समस्या घनी आबादी और छोटे मकान हैं। इसे देखते हुए दो दिन से टीमों को लोगों को जागरूक करने में लगाया है। इलाके में सैनिटाइजेशन भी करवा दिया गया है।
