रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

बरकतों व रहमतों वाले माहे रमजान का मुस्लिम धर्मावलियों को बड़ी बेसब्री से इंतजार था और इंतजार की घड़ियां चांद के दीदार के बाद खत्म हो गई है। चांद का दीदार करने के लिए लोग अपनी-अपनी छतों से रमज़ान का चांद देखने के लिए बेताब थे और चांद नजर आते ही माह-ए-रमज़ान की मुबारकबाद दी गई।
लॉक डाउन की वजह से मुस्लिम बस्तियों में इस बार रौनक व चहल पहल नहीं है। मस्जिदों के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने संदेश देकर कहा कि माह-ए-रमज़ान का चांद नजर आ गया है इसलिए विशेष नमाज़ तरावीह अपने-अपने घर पर ही अदा करें।
चांद के दीदार के बाद मुस्लिम जनों ने देश और दुनिया की खुशहाली, सुख, समृद्धि और सलामती के साथ कोरोना की महामारी से निजात के लिए भी दुआएं कीं। मुस्लिम जनों ने एक दूसरे को रमज़ान की मुबारकबाद, बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुस्लिम जनों ने विशेष नमाज जिसे “तराबीह ” कहते हैं,
अपने – अपने घरों में इखलास के साथ लाक डॉउन का पालन करते हुए अदा की। इस तरहा माहे रमजान का आगाज हो गया।
नगर के समस्त इस्लामिक धार्मिक विद्वानों ने मुस्लिम जनों से अपील की है की वह इस पाक मुकद्दस महीने में केवल इबादत में ही मशगूल रहें और इस दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखें, घरों पर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए सुरक्षित रहें। यदि घर से बाहर निकलना बहुत ही जरुरी हो तो मास्क पहनकर ही घर से निकले एवं नियमों का पालन करें। माह-ए-रमज़ान का आज पहला रोजा है।
