शेख़ नसीम, भोपाल (मप्र), NIT:

इस वक्त कोरोना बीमारी ने महामारी का रूप इख्तियार कर सारी दुनिया में कोहराम मचा कर रख दिया हैं जिसके चलते दुनिया के हर मुल्क ने लॉक डाउन करके कोरोना की महामारी को जड़ से उखाड़ फेंकने की ज़िम्मेदारी उठाई हैं। दूसरे देशों के साथ ही भारत ने भी लॉक डाउन करके देश की जनता को बचाने का बीड़ा उठाया है।

पहले चरण में भारत ने 21 दिन का लॉक डाउन किया था लेकिन स्थिति काबू में नही आई तो लॉक डाउन का दूसरा दौर बढ़ाकर 3 मई तक कर दिया गया है लेकिन इस दौरान देश मे लॉक डाउन का पूरा पालन कराने के लिए देश की विभिन्न हिस्सों की पुलिस के सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हुई हैं। पुलिस नागरिकों को लॉक डाउन का पालन कराने के लिए अलग-अलग रंगों में नज़र आ रही है।

कहीं पुलिस लॉक डाउन का पालन कराने के लिए लोगों की आरती उतार रही है जो लॉक डाउन में बेवजह बाहर घूम रहे थे तो कहीं पुलिस लॉक डाउन तोड़ने वालों को फूल दे रही थी और कही मास्क बाँट रही थी तो कहीं पुलिस का मानवीय चेहरा नज़र आ रहा था जब पुलिस भूखों को खाना खिला रही थी तो कहीं प्यासों को पानी पिला रही थी जिसे देख जनता में पुलिस का एक अच्छा मैसेज जनता को मिला। इसी के साथ ही पुलिस कही बहुत ही आक्रमक नज़र आ रही है, लॉक डाउन तोड़ने वालों और बेवजह घरों से निकलने वालों की पुलिस जमकर खबर ले रही थी। कही मामूली मार मार रही थी तो कहीं मारने के साथ ही गरीबो के माल से लदे ठेले उलट रही थी, कहीं सब्जियों को फेंक लोगों का नुकसान कर रही थी तो कहीं गाड़ियों को क्षति पहुंचा रही थी। सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें पुलिस ने एक युवक की टांग ही लठ्ठ मार-मार के तोड़ दी इसके बाद उस युवक को एम्बुलेंस में लिटाकर अस्पताल ले जाया गया।
बहरहाल पुलिस का लॉक डाउन में इतने रूप नज़र आना कोई हैरत की बात नहीं है। सरकार का आदेश लॉक डाउन का पालन कराना था जिसे पुलिस ने अपने-अपने तरीके से अंजाम दिया और दे रही है। खैर पुलिस की कोशिश तो यही है कि कोई बिना वजह घरों से न निकले और जो तरीका पुलिस को सही लग रहा है वो उसे इस्तेमाल कर रही है।

लाक डाउन का पालन सभी को करना चाहिए मगर पुलिस की बर्बरता और गरीब ठेले वालूँ की हाथ गाड़ी पे लदे सब्ज़ी वग़ैरा फेंकना सही नहीं है इस की मैं निन्दाकरता हूँ एक तो गरीब खाने पेने केलिए अयेसे ही परेशान है ऊपर से पुलिस अपनी ताक़त का नाजायज़ फ़ाईदा उठा रही है
लाक डाउन का पालन सभी को करना चाहिए मगर पुलिस की बर्बरता और गरीब ठेले वालूँ की हाथ गाड़ी पे लदे सब्ज़ी वग़ैरा फेंकना सही नहीं है इस की मैं निन्दाकरता हूँ एक तो गरीब खाने पेने केलिए अयेसे ही परेशान है ऊपर से पुलिस अपनी ताक़त का नाजायज़ फ़ाईदा उठा रही है
लाक डाउन का पालन सभी को करना चाहिए मगर पुलिस की बर्बरता और गरीब ठेले वालूँ की हाथ गाड़ी पे लदे सब्ज़ी वग़ैरा फेंकना सही नहीं है इस की मैं निन्दाकरता हूँ एक तो गरीब खाने पेने केलिए अयेसे ही परेशान है ऊपर से पुलिस अपनी ताक़त का नाजायज़ फ़ाईदा उठा रही है