कोरोना व लाॅक डाउन पीड़ितों की मदद करने के लिए अपनी गुल्लक लेकर थाने पहुंचे दो मासूम बच्चे, गुल्लक तोड़ी गई तो निकले 1030 रुपये | New India Times

यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

कोरोना व लाॅक डाउन पीड़ितों की मदद करने के लिए अपनी गुल्लक लेकर थाने पहुंचे दो मासूम बच्चे, गुल्लक तोड़ी गई तो निकले 1030 रुपये | New India Times

कोरोना से लड़ने के लिए पूरा देश एकजुट है और हर कोई अपने तरीके से मदद करने में जुटा है। क्या हिंदू, क्या मुसलमान, क्या बूढ़े और क्या बच्चे, हर कोई मदद कर रहा है। ऐसे में भला नन्हे मुन्ने बच्चे कैसे पीछे रहें, इसी बीच धौलपुर जिले के मनियां कस्बे से दिल को छू जाने वाली खबर सामने आई है। यहां पर दो बच्चे अपनी गुल्लक लेकर थाने पहुंचे। कस्बा निवासी दो सगे भाइयों ने सोमवार को अपनी गुल्लक तोड़कर कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए दान कर दी। दोनों बच्चे राजू और पुष्पदीप सोमवार को स्थानीय थाने में पहुंचे और थानाधिकारी परमजीत सिंह को गुल्लक सौंपते हुए बोले पुलिस अंकल गुल्लक के पैसों से कोरोना पीड़ित या भूखे प्यासे लोगों की मदद करना। थाने में बच्चों के इस साहस को देख हर कोई हक्का बक्का रह गया और आंखें तक हम हो गईं।
जानकारी के अनुसार राजू और पुष्पदीप पुत्र राकेश निवासी कस्बा मनियां ने पीएम मोदी की प्रेरणा से प्रभावित होकर अपनी गुल्लक तोड़ कर उसमें निकले 1030 रुपये कोरोना पीड़तों की मदद के लिए दान कर दिए। सोमवार को वे दोनों बच्चे अपनी गुल्लक लेकर थाने पहुंचे, जहां थानाधिकारी के सामने ही गुल्लक तोड़ी, जिसमें 1030 रुपये निकले।
सबसे पहले थानाधिकारी परमजीत सिंह को बच्चों ने नमस्ते कहा फिर बोले सर हमने अपनी गुल्लक से कुछ पैसे एकत्र किए हैं। जिससे आप कोरोना से पीड़ित लोगों की मदद कर सकते हैं। बोले इस बीमारी को जल्दी से खत्म कर देना पुलिस अंकल। बच्चों की बातें सुन थानाधिकारी परमजीत सिंह भी खुद भावुक हो गए। उन्होंने पहले तो बच्चों से पैसे लेने से इन्कार किया लेकिन बच्चों की जिद के आगे पैसे लेने पड़े। यही नहीं थानाधिकारी ने अपने उच्चाधिकारियों की इस बारे में सूचित किया और पूरी बात फोन पर बताई। जिसके बाद थानाधिकारी परमजीत सिंह ने बच्चों के पैसों को कोरोना राहत कोष में जमा कर दिए। मालखाना प्रभारी लाखन सिंह ने बताया कि इस दौरान बच्चों के पिता राकेश भी भावुक हो गए और बच्चों के देश प्रेम को देख आंखें गर्व से झलक गईं।

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