ताहिर मिर्ज़ा, उमरखेड़/यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

मुस्लिम समाज का पवित्र रमजान महीना शुरु होने के 15 दिन पहले शब-ए-बारात त्यौहार मनाया जाता है जो इस साल भी मनाया जाऐगा। इसी शब-ए-बारात को लेकर यवतमाल जिले के उमरखेड़ शहर के जामा मस्जिद के इमाम मौलाना हाफिज कारी रिज़वान मिस्बाही ने कहा कि इस साल शब- ए-बारात आज 9 अप्रैल गुरुवार को मनाई जाएगी, उन्होेंने यह भी कहा की कोरोना वायरस को देखते हुए देश में लॉक-डाउन है इसलिए मुस्लिम अपने अपने घरों में ही इबादत करें और लॉकडाउन का पालन करें और प्रशासन का साथ दें। शब-ए -बारात का मतलब होता है छुटकारे की रात यानी गुनाहों से निजात की रात। मजहब-ए-इस्लाम में इस रात की बड़ी अहमियत बयान की गई है। इस दिन शहर के मुस्लिम समाज अपने अपने घरों में रहकर अल्लाह का जिक्र, कजा व नफिल नमाज पढ़ें, दिन में रोजा रखें, तस्बीह व कुरान की तिलावत करें। मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा की कोरोना वायरस बीमारी की मुश्किल घड़ी में गरीबों, बेसहारा, बेवाओं और यतीम का ख्याल रखें, जितनी मदद हो सके गरिबों की करें, किसी का भी पड़ोसी भूखा न सोने पाए इस का खयाल रखें, खासतौर पर कोरोना वायरस जैसी बीमारी से सूफी संतों का भारत देश को फैलने से रोकने के लिए अल्लाह से दुआ करें। देश में लागू लॉक-डाउन का सख्ती से पालन करें, घरों से कोई भी बाहर ना निकलें, लॉक-डाउन की वजह शब-ए-बारात के दिन कब्रिस्तान में ना जाएं, अपने अपने घरों में इबादत करें, कोई भी किसी तरह की भीड़ जमा ना करें, इस बात का ख्याल रखें,हमारी वजह से कोई परेशान ना हो लिहाजा अपने घरों में ही रहे,
एहतियात इलाज से बेहतर हैं, घर में रहें महफूज रहें। अल्लाह की बारगाह में रो रो कर दुआ करें कि यह कोरोना वायरस बीमारी जल्द से जल्द खत्म हो जाए ऐसा जामा मस्जिद के इमाम मौलाना हाफिज कारी रिज़वान मिस्बाही ने कहा।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए उठाएं कदम: अहमद रजा
शहर के मदिना मस्जिद के इमाम मौलाना अहमद रजा ने कहा की आज शब-ए-बारात है इसके चलते एक साथ लोग ज्यादा जमा ना हों इसलिए घरों में ही इबादत करें। कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए ही सरकार ने लॉकडाउन किया है। कोरोना वायरस पर नियंत्रण के लिए यह बहुत जरूरी भी है इसलिए हालात को देखते हुए घरों में शब ए बारात की नमाज अदा करें इसी के साथ रोजाना मुस्लिम समाज के लोगों को चाहिए कि वे घरों में ही पांच वक्त की नमाज अदा करें और नमाज के बाद आसमान की तरफ हाथों को उठाकर दुआ करें ताकि सूफी संतों का देश भारत में कोरोना जैसी महामारी वाली बीमारी ना बढ़े ऐसा मदिना मस्जिद के इमाम मौलाना अहेमद रजा ने कहा है।
