नरेंद्र इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

21 दिन की लंबी तालाबंदी से गुजर रहा देश कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में अपना योगदान दे रहा है। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण से मरने वालों और पीड़ितों के आंकड़े बढ़ रहे हैं बावजूद इसके स्थिती काफी नियंत्रण में है। कर्फ्यू के मामले में गांव और शहर दो धड़ों मे बंट चुके हैं। शहरी इलाकों में संचारबंदी के अलावा ढील के समय लोग बाजारों का रुख कर रहे हैं। गांवों में कृषि संस्कृति अपने रोजनामचे के तहत कार्यरत है। तालाबंदी के कारण गांवों का शहरों से संपर्क कट गया है।

सुबे के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कर्फ्यू के दौरान तथा ढील में भीड़ के जमा होने को लेकर कड़े कदम उठाने के आदेश दिए हैं। जलगांव पुलिस ने भीड़ और कर्फ्यू में आवारगी जैसी अनुशासनहीनता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मुहिम आरंभ कर दी है। पुलिस ने बेवजह बाइक राइडिंग करने वालों पर वाहन कानूनों तहत कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। पहुर और जामनेर में धारा 188 के उल्लंघन के कई मामले दर्ज कराए गए हैं। जामनेर थाने में सलीम चिराग शेख, दीपक अशोक पाटिल सोनारी, मनोहर उत्तम मेढ़े सामरोद, दलपत मांगो भोई सामरोद, विकास कैलास राजपुत जामनेर, विजय मोरे खड़की इन पर सरकारी आदेश के अनादर पर धारा 188 के तहत मामला दर्ज कराया गया है। पहुर कोतवाली में दर्जनों आवारा बाइकर्स पर कानून का डंडा चलाया गया है। शराब की कालाबाजारी करने के मामलों में आए दिन पुलिस की ओर से महकमे के प्रमुख प्रताप इंगले की अगवानी में ताबड़तोड़ कार्रवाइयां की जा रही हैं। भीड़ के बीच सामाजिक अंतर के तहत कोरोना संक्रमण से बचने के लिए बनाए गए चौरस डिब्बे शोपीस साबित हो रहे हैं। जलगांव में कोरोना के 2 पोजिटिव केस उजागर होने के बाद बाजारों में भीड़ के नियंत्रण को लेकर जिलाधिकारी द्वारा सख्त आदेश जारी किए जा चुके हैं। जलगांव कोरोना पोजिटिव केस से जुड़े जामनेर के संदिग्धों के सभी रिपोर्ट निगेटिव हैं।
