परसराम साहू, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

लॉक-डाउन के बाद देश और दुनिया में कोरोना संक्रमण के बचाव हेतु यातायात परिवाहन व्यवस्था को पूर्ण रूप से बंद करदिया गया है और तमाम शहरों में जिले की सीमाएं बंद कर दी गयीं हैं जिसके कारण देश के अलग-अलग शहरों से पलायन कर रोजी रोटी की तलाश में निकले गरीब मज़दूरों का अब उन सहरो में भी कोरोनो महामारी के चलते फैक्ट्रियां एवं मजदूरी कार्य बंद होने से भूख प्यास की हालत में सड़कों पर बेसहारा मजबूर होकर अपने आशियाने तक पहुंचने के लिए प्रशासन और लोगों से मदद की गुहार लगाते नजर आ रहे है। अपना घर, गांव, शहर छोड़कर मजदूरी करने गए लाखों लोग आज भी अपने अपने शहर, गांव, घरों तक पहुंचने के लिए देश के विभिन्न शहरों की सीमाओं में फशे हुए हैं।
ऐसा ही एक मामला सागर जिले की देवरी क्षेत्र में देखने को मिला है। दमोह जिले के ग्राम जमुनिया हजारी के निवासी 11 लोग करीब आठ दिनों से दिल्ली गुड़गांव शहर से पैदल चलकर एवं ट्रक आदि का सहारा लेकर सागर जिले की सीमा में देवरी विधान सभा क्षेत्र पहुंचे जिनकी जानकारी प्राप्त होने पर स्थानीय मीडिया कर्मी और पुलिस प्रशासन देवरी थाना के एएसआई धनेंद्र यादव, आरक्षक निशीत मिश्रा एवं देवरी जनपद के एपीओ और सिलारी पंचायत सचिव डेलन लोधी की मदद से उन्हें भोजन की व्यवस्था की एवं उन्हें मास्क प्रदान किये और सभी को वाहन व्यवस्था कर दमोह जिला के उनके गांव रवाना किया गया।
