राजस्थान राज्य महिला आयोग ने सीकर में की जन सुनवाई, कई मामलों का किया मौके पर ही निस्तारण | New India Times

अशफाक कायमखानी, जयपुर (राजस्थान), NIT; ​राजस्थान राज्य महिला आयोग ने सीकर में की जन सुनवाई, कई मामलों का किया मौके पर ही निस्तारण | New India Timesराजस्थान राज्य महिला आयोग द्वारा आज सीकर में आयोजित महिला जनसुनवाई में जिले के 11 लम्बित प्रकरणों के साथ-साथ 12 नए मामलों को मौके पर ही निस्तारित किया गया।

अधिकांश मामले घरेलू हिंसा, मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न, जमीन-जायदाद और दुष्कर्म के थे जिन्हें सुनवाई कर सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश देकर मौक़े पर ही निस्तारित किया गया।
आयोग अध्यक्ष श्रीमती शर्मा ने पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय दिलवाने हेतु सभी विभागीय अधिकारियों से आपसी तालमेल से कार्य करने के निर्देश दिए। बच्चियों और महिला हितों के लिए जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन सक्रिय रहकर कार्य करें तथा अपने अधीनस्थ अधिकारियों ख़ासकर थाना प्रभारी अपने व्यवहार में परिवर्तन लाएँ और महिला उत्पीड़न मामलों गम्भीरता लेते हुए कार्य करें।
सुनवाई के दौरान आयोग अध्यक्ष ने सभी अधिकारियों से महिला हितों की सरकारी योजनाओं की जानकारी ली । प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं में से राजश्री योजना, जननी सुरक्षा योजना, पालनहार योजना, मुख्यमंत्री अपनी बेटी योजना व भामाशाह योजना की रिपोर्ट मय आँकड़ों के एकत्रित की गई।

कलेक्टर श्री के बी गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार की सभी योजनाओं का पूरा प्रचार प्रसार कर महिलाओं को अधिक से अधिक लाभ दिलवाने का प्रयास किया जा रहा है । अतिरिक्त पुलिस श्री सुरेन्द्र दीक्षित ने कहा कि लंबित प्रकरणों को जल्दी ही निस्तारित कर अनुपालना रिपोर्ट आयोग को भिजवा दी जायेगी।
मिडिया को संबोधित करते हुए श्रीमती शर्मा ने कहा कि महिला हिंसा रोकथाम हेतु कानून तो बहुत हैं परंतु अपराधों में कमी नहीं आयी । अपराधों को रोकने के लिए जागरूकता लाने और उसके खिलाफ़ आवाज उठाने की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि सीकर में कचरा बीनने वाली बच्ची से रेप मामले में एस पी को तलब किया है। बच्ची का जयपुर में इलाज चल रहा है, आज उसकी सर्जरी हो रही हैं।
साथ ही कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि ऐसे खानाबदोश लोंगों का रिकॉर्ड तैयार करके उनके पुर्नवास के लिए नीति बनायें।

सुनवाई में जमीन विवाद के चलते एक परिवार को गांव से बेदखल करने के मामले में पुलिस को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान कर गांव में पुनर्वासित करावें।
एक अन्य पोक्सो के प्रकरण में किसी उच्च पुलिस अधिकारी से मामले को पुनः अनुसन्धान कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। उन्होंने ने कहा कि विषम परिस्थितियों में महिलाओं की सुरक्षा हेतु आयोग द्वारा राज महिला सुरक्षा एप जयपुर में लॉन्च किया गया है, जल्दी ही पूरे राज्य में लॉन्च किया जायेगा। जिला स्तर पर पीड़िताओं की मदद के लिए जिला महिला मंच का गठन 19 जिलों में किया जा चूका है बाकी में भी किया जायेगा।   

इसी प्रकार ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच की अध्यक्षता में महिला पंचायत का गठन किया जायेगा। एक ग्राम सेवक , दो वार्ड पंच और साथिन, ए एन एम व सामाजिक कार्यकर्ता में से एक इसमें सदस्य होंगें। हर महीने 20 तारीख को पंचायत की बैठक होगी और 30 तारीख को आयोग में पेश करेगी। सुनवाई में आयोग अध्यक्ष श्रीमती सुमन शर्मा के साथ सदस्य सचिव श्रीमती अमृता चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती योगिता मीणा व रजिस्ट्रार श्री एन एल चम्पावत भी साथ रहे।

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