तारिक खान, रायसेन ( मप्र ), NIT;
प्रेम का बंधन जीवनभर निभाने का उमा और मुकेश का सपना रविवार को उस समय सच होता हुआ दिखा जब पुलिस ने इन के परिवार वालों को समझाते हुए दोनों की शादी करवा दी।
दो साल पहले हुई दोनों की मुलाकात प्यार में बदली और बात जब जीवन भर साथनिभाने की आई तो परिवार राजी नहीं हुआ लेकिन उमा भी अपनी जिद पर अड़ी रही। भोपाल में मंगनी तय होने पर मंगेतर को फोन पर अपने लव अफेयर के बारे में बता दिया। आखिरकार पुलिस ने उन दोनों की शादी करवाई।
- मुकेश-उमा की प्रेम कहानी
बाबई की उमा नहारिया और रायसेन के मुकेश उर्फ बंटी मेहरा के बीच दो साल से लव अफेयर था। दोनों अपने परिवार की रजामंदी नहीं होने के कारण शादी नहीं कर पा रहे थे।
नर्मदा कॉलेज से बीएसएसएस पढ़ाई कर चुकी उमा के परिजनों ने उसका रिश्ता भोपाल में तय कर दिया था। उमा इस शादी से खुश नहीं थी। उसने मंगनी से पहले मंगेतर को फोन पर मुकेश से लव अफेयर के बारे में बताया। इसके बाद 21 अप्रैल को वह कोतवाली पहुंची। एसआई मोनिका गौर को अफेयर और परिवार की रजामंदी नहीं होने का किस्सा सुनाया। एसआई मोनिका गौर ने इस मामले को समझते हुए एक ऐसी सकारात्मक पहल की। उन्होंने सीनियर अफसरों से बात कर दोनों परिवारों को बुलाया और समझाया। इससे दो दिल और दो परिवार एक हो गए। इसके बाद रविवार को गायत्री शक्तिपीठ में उमा-मुकेश की शादी कराई गई। उमा के भाई गिरीश और मुकेश के पिता गोपाल भी शादी में खुशी-खुशी शामिल हुए।
एसआई मोनिका गौर के मुताबिक, लव अफेयर में शादी नहीं होने से लोग खुदकुशी कर लेते हैं या शादी के बाद परिवार उन्हें कबूल नहीं करता। मामले को टीआई महेंद्र सिंह चौहान, एसआई अनूप उइके के नॉलेज में दिया। उमा और मुकेश के परिवारों को बुलाया। परिवार राजी हुए तो गायत्री मंदिर से शादी करने का फैसला भी हो गया।
