कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
शिवसेना के जिला स्तरीय नेता व बुलढाणा के पार्षद संजय गायकवाड द्वारा धमकाए जाने का आरोप लगाते हुए पीडित विवाहिता ने बुलढाणा ग्रामीण थाने में संजय गायकवाड के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पिछले कुछ माह पहले संजय गायकवाड ने इसी पीडित विवाहिता का मंदिर में शुध्दीरण कराते हुए हिंदू धर्म में उसकी “घर वापसी” कराई थी।
संजय गायकवाड के खिलाफ थाने में दर्ज कराई गई शिकायत की एफआयआर कॉपी के साथ ही एक प्रेस विज्ञप्ती भी जारी की गई है, जिसमें पीडित विवाहिता ज्योत्सना मो. जावेद ने बताया कि, उनके परिवारीक विवाद का फायदा उठाते हुए कुछ राजनीतिक नेताओं ने दो समाजों में फुट डालकर अपना वोट बैंक बढाने के लिए हमारे प्रेम विवाह को “लव- जिहाद” बताते हुए मुझ पर दबाव बनाकर पति मो. जावेद के खिलाफ झुठी रिपोर्ट पुलिस में देने के लिए बाध्य किया था और मीडिया व प्रेस के समक्ष मुझे दबाव के आधार पर असत्य बोलने पर मजबूर किया गया था। इतना ही नहीं मेरे पुत्र मो. साहिल मो. जावेद का नाम बदलकर “रुद्र” रख दिया गया था। हमारे परिवारीक विवाद को आधार बनाते हुए राजनीतिक षडयंत्र के तहत दो समाजों के बीच दुरी निर्माण की गई थी। अपनी इस प्रेस विज्ञप्ती में ज्योत्सना ने दोनों समाज से भी माफी मांगी है और कहा है कि, उनके पति मो. जावेद की राजनीतिक पहचान है जिसे मलिन कराने का प्रयास किया गया है।
बुलढाणा ग्रामीण पुलिस थाने में ज्योत्सना मो. जावेद ने दर्ज कराई शिकायत में आरोप लगाया है कि, 18 अप्रैल को उनके मोबाइल पर बुलढाणा निवासी संजय गायकवाड ने फोन कर यह धमकी दी है कि, तु अपने पति के साथ मत रहे अन्यथा तुझे और तेरे पति को जान से मार दुंगा। इस प्रकार की शिकायत के आधार पर थाने में संजय गायकवाड के खिलाफ भादवीं की धारा 507 के तहत अदखलपात्र मामला दर्ज किया गया है।
बता दें कि, बुलढाणा ज़िले के ग्राम देवलघाट निवासी मो. जावेद और बुलढाणा निवासी ज्योत्सना अशोक नागरे के बीच प्रेम संबंध जुडने के बाद दोनों ने बुलढाणा में रजिस्टर मैरेज किया था। किसी बात पर दोनों पति-पत्नी के बीच विवाद होने के बाद संजय गायकवाड की सहायता से ज्योत्सना की “घर वापसी” अर्थात हिन्दू धर्म में दुबारा शामील कीया गया था, जिसके बाद पूरे ज़िले में हलचल मच गई थी। देखा जाए तो आज ज्योत्सना फिर से अपने पति मो.जावेद के साथ रहने लगी है।
