जिन हाथों में स्कूल की किताबें व कलम होनी चाहिए थी आज उन्हीं हाथों में दिखाई दे रहा है बीड़ी और सिगरेट | New India Times

अबरार अहमद खान, भोपाल (मप्र), NIT:

जिन हाथों में स्कूल की किताबें व कलम होनी चाहिए थी आज उन्हीं हाथों में दिखाई दे रहा है बीड़ी और सिगरेट | New India Times

अभिभावक व प्रशासन की लापरवाही के चलते भोपाल के छोटे छोटे मासूम बच्चे नशीली पदार्थ का सेवन करते हुऐ नज़र आ रहे हैं। ऐसे में देश के बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित समझा जाए जब देश का भविष्य स्वयं में ही सुरक्षित दिखाई नहीं दे रहा है। जिन हाथों में स्कूल की किताबें व कलम होनी चाहिए थी आज उन्ही हाथों में बीड़ी और सिगरेट दिखाई दे रहा है। 5-10 युवाओं का ग्रुप एक जगह एकत्रित होकर अपने भविष्य की बर्बादी का इतिहास लिखते हुए दिखाई देते हैं, उन्हें इस बात की खबर नहीं है कि उनके भविष्य का क्या होगा? आने वाले समय में उनका भविष्य कौन सी किरण लेकर कौन सी आशा लेकर भविष्य को संवरेगा, इस बात का अनुमान लगाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन साबित हो रहा है।

जिन हाथों में स्कूल की किताबें व कलम होनी चाहिए थी आज उन्हीं हाथों में दिखाई दे रहा है बीड़ी और सिगरेट | New India Times


जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के प्रेस सचिव हाजी मोहम्मद इमरान ने बच्चों में बढ़ते नशे की लत पर चिंता वेयक्त करते हुए कहा कि शराब, सिगरेट, गुटका मादक पदार्थों से वैसे तो हर उम्र के लोगों को खतरा है पर यह लत बच्चों में भी तेज़ी से बढ़ती जा रही है। जिसका कारण इस मादक पदार्थों
की बिक्री के सख़्त क़ानून न होना है। अगर क़ानून है भी तो सरकार उस पर अमल करने के बजाय ढील देती नज़र आ रही है। हाजी इमरान ने कहा कि जगह जगह खुले आम बच्चों तक को यह नशीली चीज़े बड़े आराम से बेची जा रही हैं जिसकी वजह से मासूमों का भविष्य खतरे में है। हाजी इमरान ने मध्यप्रदेश सरकार से इस विषय पर सख्त क़ानून बनाए जाने की मांग की है। उन्हों ने कहा कि अगर बच्चों को इतनी आसानी से नशीले पदार्थ उपलब्ध होंगे तो देश और प्रदेश का भविष्य खतरे में है। पढ़ने लिखने की उम्र में बच्चे इन बुरी आदतों के शिकार हो रहे हैं। जमीअत उलमा मध्यप्रदेश सरकार से मांग करती है सर्व प्रथम शहर के अंदरूनी हिस्सों से शराब दुकानों को हटाया जाए और शहर भोपाल को शराब मुक्त बनाने की पहल की जाए। इसके इलावा स्कूल काॅलेज के आस पास से मादक पदार्थों की दुकानें हटवाई जाएं। हाजी इमरान ने मध्यप्रदेश सरकार से यह भी मांग की है कि शराब, पान, गुटखा, सिगरेट की बिक्री खरीदी पर आयु सीमा पर सख्त क़ानून बनाया जाए और दोषी पाए जाने वाले दुकानदारों पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। जमीअत उलमा मध्यप्रदेश द्वारा वर्षो से मांग की गई पर पूर्व सरकार द्वारा इसको गंभीरता से नहीं लिया गया अब मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार है जो इस विषय को गंभीरता से लेकर बच्चों के भविष्य को बचाए। हाजी इमरान ने कहा कि जल्द हाफ़िज़ इस्माइल बेग व अन्य सदस्य ज़िला कलेक्टर से मिल कर शहर के ग़रीब बच्चों के भविष्य के लिए मादक पदार्थों की बिक्री के लिए आयु सीमा की मांग करेंगे।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version