मकसूद अली, कोल्हापुर/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

जमाअत-ए-इस्लामी महाराष्ट्र और जिला परिषद कोल्हापुर के मध्य 20 जनवरी 2020 एक समझौता हुआ है। समझौते के अनुसार, कोल्हापुर जिले के कनवाड़ गांव को घरों के निर्माण के लिए चुना गया है। इसके पहले चरण में 38 बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए घर बनाए जाएंगे और पीने के पानी के लिए दो शुद्ध पेयजल व्यवस्था भी की जाएगी।
विदित रहे कि कोल्हापुर जिले का शिरोल ताल्लुका कुछ महीनों पहले आई विनाशकारी बाढ़ में सबसे बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इसी ताल्लुका के कनवाड़ और अन्य गांव कई दिनों तक शत-प्रतिशत बाढ़ की चपेट में रहे हैं। इन गांवों में शुरुआत से ही जमाअत ए इस्लामी हिंद महाराष्ट्र की आपदा प्रबंधन इकाई आई आर डब्ल्यू (IRW) के स्वयंसेवकों ने राहत कार्य और बचाव कार्य को अंजाम दिया है।
शासन की ओर से फ्लड रिलीफ़ फंड / आवास और घरकुल योजना के अंतर्गत 95000 से 120000 रुपए योजना के तहत पात्र होने के बाद मिलते हैं। यह राशि एक छोटे लेकिन मजबूत मकान के निर्माण के लिए अपर्याप्त है। इसीलिए जमाअत ए इस्लामी हिन्द महाराष्ट्र और आइडियल रिलीफ़ कमेटी ट्रस्ट ने इस गांव का गहन सर्वेक्षण किया, नष्ट हुए घरों के लिए इंजीनियरों के माध्यम से निर्माण योजना तैयार की, जिसके अनुसार एक घर के आरसीसी निर्माण का न्यूनतम अनुमान 300000 (तीन लाख) रुपये है। बाढ़ राहत कोष और आवास योजना से प्राप्त धन के अलावा संगठन प्रति घर 200000 (दो लाख) की वित्तीय सहायता के साथ घर बनाएगा। यदि बारिश से पहले यह काम पूरा हो जाता है, तो दूसरे चरण में कोल्हापुर जिले के कुरूंदवाड, राजापुर, हेरवाड़ और सांगली जिले के भीलवाड़ी में घरों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा छात्र संगठन एसआईओ स्कूलों की बुनियादी आवश्यकताओं और पुस्तकालयों के लिए पुस्तकों के सेट प्रदान करेगा।



इस पुनर्वास परियोजना की लागत लगभग 2,48,00,000 रुपये (दो करोड़ अड़तालिस लाख) है।
समझौते के अवसर पर श्री अमन मित्तल साहिब IAS (सीईओ जिला परिषद, कोल्हापुर), मोहम्मद मज़हर फारूक (सचिव, जनसेवा विभाग, जमाअत ए इस्लामी हिंद महाराष्ट्र), अजय कुमार माने (परियोजना निदेशक डीआरडीए), वैशाली महसके (जिला परियोजना अधिकारी), इस्माइल शेख (जमाअत ए इस्लामी हिंद कोल्हापुर) और अशफाक पठान (एसआईओ कोल्हापुर) उपस्थित थे।
