परसराम साहू, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र शांतिधाम, बीना जी बारह में सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अनंत सागर जी, मुनि श्री धर्म सागर जी, मुनिश्री अचल सागर जी व मुनिश्री भाव सागर जी महाराज के सानिध्य एवं पंडित कमल कुमार जी कर्रापुर के निर्देशन में गुरुवार को प्रातः काल में मुनिश्री का पाद प्रक्षालन हुआ। शास्त्र अर्पण किया गया। आचार्य श्री की पूजन संपन्न हुई और मुनि श्री विमल सागर जी ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रथम अवसर है जो महामस्तकाभिषेक हो रहा है। इस दरबार से कोई खाली हाथ नहीं जाता है। धर्म के क्षेत्र में धन लगाने से अनंत गुना फल मिलता है। जिसने प्रतिमा विराजमान करवाई है वह पुण्य शाली है। यह तीर्थ हजारों वर्ष के लिए बन गया है। कीर्ति है जो अचल बनी रहती है। मंदिरों से कई गुना पावर तीर्थ क्षेत्र में होता है। यह शांतिनाथ भगवान का अतिशय है कि सभी जगह पानी बरस रहा था लेकिन यहां नहीं बरसा। यह महामस्तकाभिषेक भी बढ़कर हुआ है। आचार्यश्री ने तीर्थों पर साधना की है उनकी साधना की चर्चा पूरे विश्व में है। आचार्य श्री भगवान जैसे हैं ।आचार्य श्री जहां जाते हैं मेला लग जाता है। आचार्यश्री चलते-फिरते तीर्थ है। गुरुओं की सेवा सभी को नहीं मिलती है । यह महोत्सव अच्छे से संपन्न हो गया। धार्मिक मेला इष्ट सुखों को प्राप्त करवाता है। मुनि श्री भाव सागर जी ने कहा कि यह तीर्थ क्षेत्र बुंदेलखंड का विशेष क्षेत्र है। यह तीर्थ क्षेत्र पॉजिटिव ऊर्जा के केंद्र होते हैं। यहां पूरे भारत के लोगों को तन मन धन से सहयोग करना चाहिए। इस अवसर पर भारत के कोने कोने से श्रद्धालुओं ने आकर धर्म लाभ लिया और अभिषेक पूजन,शांति धारा,शांति विधान, आरती और भक्ति भाव से नृत्य करके यह महोत्सव मनाया, साथ ही भगवान आदिनाथ के। गंधोदक को पाकर भक्तों ने अपने संपूर्ण जीवन को मंगलमय होने की भावना भायी। पहला अभिषेक करने का अवसर जवाहरलाल अभय कुमार अजय कुमार पारस परिवार देवरी को प्राप्त हुआ। बीना कमेटी अध्यक्ष अलकेश जैन कोयला वालो ने आए हुए श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।सम्पूर्ण कार्यक्रम में अपने स्वरों से अंकित वर्धमान भोपाल ने सभी का मन जीत लिया कार्यक्रम मेंमहेन्द सोधिया, नरेश सोधिया, अनिल कुदपुरा, दिनेश सोधिया सुमेर सेठ गली दिसावर विनीत ईश्वरपुर दीपेश जैन भाजपा मंडल अध्यक्ष राजा बड़कूल, रोहित बिलहरा, आदेश नीरज शरण धीरू सोधिया आदि उपस्थित रहे।
