संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

माफी का मंदिर रकबा 8 बीघा रमजनकी ट्रस्ट की सम्पत्ति (शालीमार गार्डन के बगल में सिटी सेंटर) बुनयादी तरीकों के द्वारा फर्जी पुजारी से मुक्त कराया गया है, सम्पत्ति की कीमत लगभग 70 करोड़ है।
मिली जानकारी के अनुसार उक्त सम्पत्ति पर कथित रूप से फर्जी पुजारी कमल सिंह यादव द्वारा कब्जा कर के रह रहा था साथ ही उसने अपने भाई आदेश सिंह यादव, इंदर सिंह यादव और सोबरन सिंह यादव को भी निवास हेतु दे दी थी। इसके अतिरिक्त उसने स्टील कारखाना मालिक योगेन्द्र सिंह राठौर से लिखित एग्रीमेंट कर 11 हजार रुपए मासिक, राकेश गहलोत संचालक कचरा कारखाना से मौखिक एग्रीमेंट 2 हजार रुपए, कमल सिंह संचालक कर रिपेयर दुकान से मौखिक रूप से 3 हजार रुपए में अनुबंध किया था। इसके अतिरिक्त 4 बीघा जमीन में खेती की जा रही है, इसका संपूर्ण आय उसने निजी खाते में डाला है और मंदिर की आय का भी कोई रिकॉर्ड नहीं है। उक्त सम्पत्ति को मुक्त किया गया और कथित पुजारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जा रही है।
