फराज अंसारी, लखनऊ, NIT; उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर शहरी क्षेत्रों में चलेगा दस दिवसीय साफ-सफाई अभियान | New India Times​उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर शहरी क्षेत्रों की साफ-सफाई व्यवस्था के लिए 10 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान के अन्तर्गत आगामी ग्रीष्म ऋतु के प्रभाव को देखते हुए पेयजलापूर्ति एवं वर्षा ऋतु में अतिवृष्टि हो जाने पर जलभराव व जल निकासी की समस्या तथा संक्रामक रोगों जैसे मच्छर जनित, मलेरिया, डेगू, चिकनगुनिया एवं जल जनित डायरिया आदि पर प्रभावी अंकुश के लिए कार्यवाही की जायेगी। 
शासन द्वारा यह भी व्यवस्था दी गयी है कि जिलाधिकारी के स्तर पर एक विशेष सेल का गठन करके नागर निकायों की सफाई व्यवस्था के सम्बन्ध में सघन पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण सुनिश्चित कराया जायें। सफाई अभियान के अन्तर्गत सड़कों, गलियों, सार्वजनिक स्थानों, पार्कों एवं खुले स्थानों, नाले एवं नालियों की सफाई और कूडे तथा मलबे का निस्तारण दिन प्रतिदिन सुनिश्चित किया जाए। ऐसे स्थानों पर जहां नालियों में प्रयुक्त ईटें टूट जाने अथवा अन्य कारणों से जल प्रवाह बाधित हो, वहां मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर अविलम्ब करायी जाये। सम्पूर्ण नगर में जहां भी गन्दगी, कूड़ा, मलबा या टूटी नाली या जल प्रवाह में बाधक कोई अवरोध दृष्टिगत हो, वहां के सम्बन्धित कर्मचारी/अधिकारियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए अपेक्षित सफाई और मरम्मत आदि तत्काल कराई जाए।उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर शहरी क्षेत्रों में चलेगा दस दिवसीय साफ-सफाई अभियान | New India Times​अभियान के अन्तर्गत की गयी कार्यवाही के मूल्यांकन के लिए जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति नगर के तीन सबसे अच्छे और तीन सबसे खराब वार्डों का निर्धारण करेगी। सबसे अच्छे तीन वार्डो के कर्मचारियों/अधिकारियों को नगरीय निकाय द्वारा अपने संसाधन से यथोचित पुरस्कृत किया जायेगा जबकि खराब वार्डो के कर्मचारियों / अधिकारियों पर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। अभियान अवधि के पश्चात सफाई कूडा, मलबा निस्तारण नाले नालियों की सफाई नालियों खड़न्जों की मरम्मत, पार्कों के रखरखाव की गति में निरन्तरता बनी रहे और सम्बन्धित कर्मचारी उत्साह एवं पूर्ण मनोयोग से अपने दायित्वों का निर्वाह करते रहें, इसके दृष्टिगत समिति निरन्तर निरीक्षण करती रहेगी और निरीक्षण आख्या उच्चाधिकारियों को प्रस्तुत करेंगी।
शासन द्वारा जारी किये गये निर्देशों के अनुपालन में बहराइच जिलाधिकारी अजयदीप सिंह ने अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक वार्ड लिए एक अधिकारी नामित किया जायें, जो प्रातः 7:00 बजे से 10:00 बजे के मध्य वार्ड में साफ-सफाई का आकस्मिक निरीक्षण किया करेंगे। इसके लिए नगर निकायों के सभी वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिकारियों/कर्मचारियों का इस अभियान मे विशिष्ठ उत्तरदायित्व निर्धारित कर उन्हें उनके कार्यों के प्रति जबाबदेह भी बनाया जाये।उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर शहरी क्षेत्रों में चलेगा दस दिवसीय साफ-सफाई अभियान | New India Times​अधिशासी अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि जहां कहीं जल भराव है उसके समुचित निस्तारण की व्यवस्था करायी जाय। जलजनित रोगों के नियन्त्रण के लिए पेयजल की नियमित क्लोरिनेशन तथा ओवरहेड टैंक की सफाई की जाय। संक्रामक रोंगों से बचने के लिए नालियों एवं सीवर लाईन की सफाई चूने एवं कीटनाशकों तथा एण्टीलार्वा छिड़काव तथा फागिग की मुकम्मल व्यवस्था की जाय। मच्छरजनित रोगों के रोकथाम के लिए एक निर्धारित शिड्यूल के अनुसार वार्डों में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से फागिंग करायी जाये। पेयजलापूर्ति के सम्बन्ध में निर्देश दिये गये हैं कि नगरीय क्षेत्र के समस्त ट्यूबवेल चालू हालत में रखें जायें तथा बन्द पड़े ट्यूबवेलों को ठीक कराकर चालू किया जाये। पेयजल के सभी स्त्रों/संसाधनों की उचित मरम्मत एवं पूर्ण उपयोग के लिए तैयार कर लिया जाये तथा सभी पेयजल के कुओं को आवश्यकतानुसार गहरा कर दिया जाये। रिबोर तथा मरम्मत योग्य हैण्डपम्पों को चिन्हित कर उनके रिबोर तथा मरम्मत की तत्काल कार्यवाही की जाये। समुचित पेय जलापूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हैण्डपम्प व ट्यूबवेल के स्पेयर पार्ट जल संस्थान व नगर निकायों द्वारा रखें जायें।
कूडे का निस्तारण के सम्बन्ध में निर्देश दिया गया है कि साइंटिफिक लैण्डफिल या कूडें के लिए विशिष्ट रूप से चिन्हित स्थल पर ही किया जाये। आवासीय कालोनियों के साथ, सड़क के किनारे, गड्ढों में, किसी जल स्त्रोत या नदी के किनारे कूड़े की डम्पिंग न की जाय। सालिड बेस्ट मैनेजमन्ट के लिए डम्पिंग ग्राउन्ड की व्यवस्था न होने की दशा में उपयुक्त भूमि का चयन तत्काल किया जाय। वर्षा ऋतु से पूर्व विलम्बत्म 15 जून 2017 तक नालों, नालियों एवं सीवर लाइनों की सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया जाये, जिससे जल भराव की स्थिति उत्पन्न न हो। नाले एवं नालियों की सफाई दौरान निकलने वाले सिल्ट को उठाकर समुचित स्थान पर डाला जाये। जल भराव से सम्बन्धित स्थलों को चिन्हित कर पानी निकासी के लिए आवश्यकतानुसार पम्प आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये तथा सड़े गले फलों एवं खाद्य पदार्थों की बिक्री को प्रतिबन्धित किया जाए।

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