संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:

पंचायती राज में शासन की मंशा के मुताबिक जिन ग्राम पंचायतों में रेत हैं उनको ग्राम पंचायतों के द्वारा जनता को सस्ती व सरल रुप से रेत उपलब्ध कराने के लिए शासन ने रेत खदाने स्वीकृत की है और अजयगढ़ तहसील में कटर्रा रेत खदान इसी उद्देश्य से शासन स्तर पर शुरू की गई थी, यह रेत खदान धर्मपुर क्षेत्र में बहने रुंझ नदी पर रेत खदान संचालित है।

कटर्रा की रेत खदान ग्राम पंचायत के नाम चालू तो की गई लेकिन उसे उत्तर प्रदेश के रेत माफियाओं के हवाले कर दी गई है और अब ग्राम पंचायत का कोई हस्ताक्षेप नहीं है जबकि शासन द्वारा पन्ना जिले की जनता को सरलता से रेत की उपलब्धता की जगह उत्तर प्रदेश को रेत बेची जा रही है जिसमें मनमाने तौर पर रकम बसूली जा रही है। 10 चके ट्रक के 14,000 रुपये, 12 चके ट्रक 18,000 रुपये में बिना रोक-टोक बेची जा रही जबकि इनको पिट पास ग्राम पंचायत को जारी हो रहे हैं।
यह रेत माफिया स्थानी प्रशासन को खरीद कर भारी भरकम मशीनों से रुंझ नदी का सीना छलनी कर मनमाने तौर पर अवैध उत्खनन कर रहे हैं। पूरी नदी में 3-3 विशाल मशीनें पूरी नदी में फैली हुई हैं, इनकी कोई सीमा नहीं है। जहाँ तक कटर्रा ग्राम पंचायत क्षेत्र में रुंझ नदी में रेत नजर आती है। यह विशालकाय मशीनें वही से अवैध उत्खनन कर सैकड़ों ट्रकों में रेत भर रहे हैं। ग्राम पंचायत कटर्रा में उत्तर प्रदेश के रेत माफिया रेत की लूट मचाये हुए हैं। पंचायत की खदान की सीमाओं का निर्धारण किये बिना कई किलो मीटर में अवैध उत्खनन बिना किसी रोक-टोक के स्थानीय प्रशासन की मर्जी से जारी है व उनका तय सुदा रकम जिम्मेदार अधिकारियों के घर में पूर्व से एडवांस जमा हो जाती है। उतने ट्रक स्थानिय प्रशासन बिना रुपक-टोक के रेत परिवाहन करने देता है।
शासन द्वारा ग्राम पंचायत को पिटपास जारी करने के लिए गोपनीय id, पासवर्ड प्रत्येक ग्राम पंचायत की रेत खदानों को जारी किए गए हैं। जो ग्राम पंचायत की गोपनियता है, परन्तु ग्राम पंचायत की कटर्रा की पासवर्ड id ग्राम पंचायत द्वारा इन उत्तर प्रदेश के रेत माफियाओं को दे दी गई हैं, स्वयं इसका उपयोग न कर उत्तर प्रदेश के रेत माफिया कटर्रा गांवों के पास बड़ेछा पुल के ऊपर उत्तर प्रदेश की सीमा पर अपना टेंट लगाकर कटर्रा रेत खदान संचालित कर रहे हैं जो पन्ना जिले की जनता के साथ रेत के खेल में छलावा हो रहा है। पन्ना की जनता को मिलने वाली सस्ती रेत उत्तर प्रदेश को जा रही है जिससे शासन की मंशा जिले वासियों को सस्ती रेत की उपलब्धता सिर्फ सपना बन कर रह गई है।

जानकारी के अनुसार यह उत्तर प्रदेश के रेत माफिया कटर्रा ग्राम पंचायत की रेत खदान संचालित करने के लिए सबसे पहले धर्मपुर पुलिस, राजस्व एवं खनिज विभाग को तय शुदा प्रति ट्रक के हिसाब से एडवांस कर जाते हैं। जिससे इस अवैधानिक कार्य में स्थानिय प्रशासन मुकदर्शक बनकर भारी मशीनों के उपयोग, अवैध उत्खनन ग्राम पंचायत की भूमि का व उत्तर प्रदेश की माफियाओ की सक्रियता पर कार्यवाही नहीं करता एवं यह उत्तर प्रदेश के रेत माफिया ग्राम पंचायत को भी प्रति गाड़ी के हिसाब से ग्राम पंचायत का हिस्सा रहता है। यह उत्तर प्रदेश के रेत माफिया मनमाने दामों में रेत बेचते हैं व प्रशासन का इन पर कोई अंकुश नहीं है। ग्राम की जनता ने कलेक्टर पन्ना का ध्यान का आकृष्ट कराते हुये ग्राम पंचायत कटर्रा की रेत खदान से मशीनों का उपयोग बंद कर पंचायत के मजदूरों से रेत भरवा कर जनता को रोजगार उपलब्ध कराया जा जाए व इन उत्तर प्रदेश के रेत माफियाओं की भूमिका समाप्त कर ग्राम पंचायत द्वारा स्वयं रेत खदान संचालित कर जिले वासियों को रेत उपलब्ध कराई जाए या इन उत्तर प्रदेश के रेत माफियाओं के ऊपर कार्यवाही की जाये।
शासन द्वारा ग्राम पंचायत कटर्रा को रेत संचालन को रेत खदान दी गयी है। अगर इसमें उत्तर प्रदेश के लोगों द्वारा संचालित की जा रही है तो इसकी जांच कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी: उमेश तिवारी, नायाब तहसीलदार, अजयगढ़।
